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32 जोड़ों का होगा पाणिग्रहण संस्कार

5 वर्ष पहले
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शहरके दशहरा मैदान में शुक्रवार को होने वाले राठौर तेलियान समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन की शुरूवात गुरूवार को कलश यात्रा के साथ हो गई। शुक्रवार को साहू समाज के 32 जोड़े हमेशा के लिए दांपत्य जीवन की डोर में बंध जाएंगे।कलश यात्रा शहर के जगदीश धाम से शुरू होकर छतरी चौराहा,बस स्टैंड,सदर बाजार होती हुई सम्मेलन स्थल दशहरा मैदान पहुंचकर समाप्त हुई। कलश यात्रा का समाज अन्य शहर वासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शहर में पहली बार स्थानीय समाज ने स्वर्गीय बाबूलाल दीपक के सान्निध्य में अपने स्तर पर ही सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया है। समिति के अध्यक्ष जगदीश गुलाणियां,उपाध्यक्ष रामेश्वर साहू बाबा ने बताया कि प्रात: 11 बजे दूल्हे एवं दुल्हनों की निकासी का कार्यक्रम होगा उसके बाद तोरण एवं थाम पूजन के कार्यक्रम सम्पन्न करवाए जाएंगे।

दोपहर को पाणिग्रहण संस्कार के बाद दुल्हनों को विदाई दी जाएगी। विवाह स्थल पर माकूल इंतजाम तो किए ही है साथ में दुल्हों के लिए अयोध्या पुरी एवंं दुल्हनों के लिए जनकपुरी का निर्माण किया है। शहर के बाजारों एवं गलियों में सम्मेलन को लेकर सजावटें भी की गई है। उधर देर शाम तक वर वधु एवं परिजनों का आना शुरू हो गया था रात्रि को सांस्कृतिक कार्यक्रम एव कवि सम्मेलन का आयोजन भी हुआ।

मूर्तिप्रतिष्ठा प्राण प्रवाह के बाद की पूजा अभिषेक

मालपुराच्यवगौड़ब्राह्मण समाज मालपुरा के तत्वावधान में ख्वास जी का कटला स्थित ृसिंह भगवान मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत मूर्ति प्रतिष्ठा प्राण प्रवाह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। समाज बंधुओं ने भगवान की पूजा आरती कर सुख शांति संपन्नता की कामना की।

शिवपंचायत बालाजी की हुई प्राण-प्रतिष्ठा

झिलाय|गांवझिलाय में स्थित गिरधारी जी के मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। पूर्णाहुति के अवसर पर मंदिर परिसर में शिव पंचायत एवं बालाजी की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर गिरधारी जी के मंदिर से बैण्ड बाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा गांव के मुख्य मार्गो से होती हुई वापस गिरधारी जी के मंदिर पहुंची। तत्पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पं. सुरेश शास्त्री विद्वान पण्डितों के सान्निध्य में शिव पंचायत बालाजी की प्राण -प्रतिष्ठा की गई। पूर्णाहुति के अवसर पर पंगत प्रसादी का आयोजन हुआ।

इंसानभक्ति के बिना अधूरा

निवाई|दिव्यज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में पांच दिवसीय श्री हरि कथा के तीसरे दिन महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री तनुजा भारती ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत श्री नामदेव के कथा प्रसंग की विवेचना करते हुए कहा कि जिस प्रकार एक स्कूल का विद्यार्थी पढा़ई के बिना अधूरा है उसी प्रकार इंसान भी भक्ति के बिना अधूरा है। उन्होंने कहा कि हमारे अंतर में अनेक भ्रांतियां है। हम सोचते है कि ईश्वर का दर्शन संभव नहीं है। परन्तु ऐसा नहीं है मीरा ने संत रविदास के द्वारा भगवान को देखा, महात्मा बुद्ध ने संत सुजाता के द्वारा बोधिसत्व को प्राप्त किया।ईश्वर की प्राप्ति की जा सकती है यदि एकाग्र होकर उसको याद किया जाए।

समतासागर महाराज का मंगल प्रवेश

निवाई|आचार्यदर्शन सागर महाराज के शिष्य जैन पट्टाचार्य समता सागर महाराज का शहर में गाजे-बाजे के साथ मंगल प्रवेश हुआ। प्रवक्ता विमल जौंला राकेश संघी ने बताया कि समता सागर महाराज बाडा पदमपुरा से मंगल विहार कर चाकसू, कौथून, मूंडिया होते हुए निवाई संत निवास जैन मंदिर पहुंचे। वहां पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन कर अगुवानी की। इसके पश्चात वहां से मंगल विहार कर गांव रजवास पहुंचे।इस दौरान उनकी अगुवानी के लिए सैकड़ों की संख्या में जैन पुरुष और महिलाएं मौजूद थी।जगह-जगह उनके स्वागत में स्वागत द्वार बनाए गए थे और फुलों की बरसात सी हो गई थी रास्तों में।

निवाई. श्रीहरिकथा में रसपान करते श्रद्धालु।

देवली.विवाह सम्मेलनके दौरान कलश यात्रा निकालती साहू समाज की महिलाएं।

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