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जांच में कोताही! अध्यापक की जान गई

6 वर्ष पहले
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झुंझुनूं | जिलामुख्यालय के बीडीके अस्पताल में लापरवाही से एक शिक्षक की जान ही चली गई। स्वाइन फ्लू को हल्के से ले लिया और सेंपल को निगेटिव बता दिया। जयपुर में बुधवार को शिक्षक की मौत हो गई। इधर, एक अन्य रोगी की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।

सूत्रों के मुताबिक कालियासर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सैकंड ग्रेड अध्यापक आत्माराम जांगिड़ रघुनाथपुरा (नवलगढ़) में चुनाव के दिनों में ड्यूटी पर थे। मतपेटी जमा करवाने एसएमएल कॉलेज झुंझुनूं पहुंचे तब जुकाम था। 25 जनवरी को झुंझुनूं में डॉक्टर से चैकअप कराया तो उन्हें निमोनिया बताया गया। 29 जनवरी को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर जांगिड़ वापस झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल आए। यहां सुबह जांच के लिए सैंपल लेकर उसी दिन दोपहर को बता दिया कि रिपोर्ट नेगेटिव है। जबकि बीडीके अस्पताल में लिए जाने वाले सैंपल जयपुर भेजे जाते हैं। आत्माराम पहले सीकर और बाद में जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए। वहां मंगलवार रात उनके स्वाइन फ्लू पॉजीटिव होने की रिपोर्ट मिली और बुधवार सुबह मौत भी हो गई। बुधवार शाम गांव कुमास में अंतिम संस्कार कर दिया गया। नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमएचओ (हैल्थ) डॉ. राजकुमार डांगी ने बताया कि मंगलवार को बीडीके अस्पताल से 11 सैंपल भेजे गए थे। इनमें गुढ़ागौड़जी निवासी एक महिला का सैंपल स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया। एक अन्य रोगी कुमास निवासी 56 वर्षीय अधेड़ के स्वाइन फ्लू होने की सूचना जयपुर से मिली। वह जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती था और कालियासर (अलसीसर) के सरकारी स्कूल में सैंकड ग्रेड अध्यापक था।

मामले की जांच कराएंगे

^मामलामेरी जानकारी में नहीं है। जांच कराई जाएगी। वाकई लापरवाही रही है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डॉ.एसएन धौलपुरिया, सीएमएचओ

चार मौतें तो हो चुकी

आत्मारामके अलावा तीन अन्य की मौतें जिले में इस बीमारी से हो चुकी है। चूड़ी अजीतगढ़, मलसीसर मंड्रेला में इस बीमारी से रोगियों की मौत की पुष्टि हुई है। सुलताना हेतमसर के रोगियों की हालत में सुधार है। गुढ़ागौड़जी की रहने वाली महिला का इलाज एसएमएस अस्पताल जयपुर में चल रहा है।