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भाजपा की चिंतन बैठक, उठा प्रधान पद के लिए बगावत का मुद्दा

6 वर्ष पहले
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भाजपा में विवाद, निष्कासन पर भी 2 खेमे

पंचायतसमिति गठन के 55 साल बाद पहली बार पूर्ण बहुमत से आई भाजपा का प्रधान नहीं बनने पर सोमवार को भाजपा मंडल कार्यकारिणी की बैठक हुई।

रानाडी माताजी मंदिर परिसर में विधायक जगसीराम कोली और मंडल अध्यक्ष नारायणसिंह की मौजूदगी में आयोजित बैठक में चिंतन किया गया। बैठक में मंडार नगर अध्यक्ष जगदीश सहित जामतसिंह, केसाराम कोली, भरत पुरोहित, पृथ्वीसिंह, लक्ष्मणराम कोली ने कहा कि पार्टी के साथ नहीं चलने वाले कार्यकर्ताओं को पार्टी ने निष्कासित किया जाना चाहिए। पूर्व उपप्रधान अर्जुनराम पुरोहित ने कहा कि पार्टी के साथ गद्दारी करने वालों ने पार्टी ही नहीं क्षेत्र की जनता के साथ भी धोखा किया है। ऐसे में पार्टी और जनता दोनों उन्हें माफ नहीं करेंगे। मंडल अध्यक्ष नारायणसिंह ने भी पार्टी के खिलाफ जाने वालों को निष्कासित करने की मांग उठाई। विधायक जगसीराम कोली ने कहा कि कुछ लोग पार्टी के साथ रह कर भी धोखा कर रहे है। ऐसे पार्टी पदाधिकारियों को पार्टी से निष्कासित किया जाएगा। बैठक में वचनाराम देवासी, मगाराम चौधरी, पृथ्वासिंह, विजय अग्रवाल, गोविंद कर्मावत, पोपट अग्रवाल, मणीलाल रावल, अजयपालसिंह राव,जयसिंह राव, प्रतापराम लौहार, मगाराम देवासी, सुरेन्द्रसिंह देवड़ा, गणपतसिंह देवड़ा, महीपालसिंह देवड़ा, ओमप्रकाश वैष्णव, धनराज पुरोहित, भरत चौधरी, अजाराम चौधरी, पोपट माली, प्रकाश कोली, गुलाबसिंह वरमाण, मदन जोशी, सुरेश घांची, तलकाराम सहित कई पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

क्या है मामला

दरअसल,रेवदर पंचायत समिति चुनाव में भाजपा को पहली बार बहुमत मिला। 21 सीटों वाली पंचायत समिति में भाजपा के 15 प्रत्याशी चुनाव जीतकर पंचायत समिति सदस्य बने। ऐसे में पार्टी का प्रधान बनना तय था। पार्टी ने प्रधान पद के लिए रणजीत कोली को अपना सिंबल दिया, लेकिन फिर पार्टी के ही एक अन्य सदस्य पूंजाराम मेघवाल ने निर्दलीय प्रधान का चुनाव लड़ा। पूंजाराम को 13 वोट मिले और भाजपा के 15 सदस्य होने के बावजूद पार्टी प्रत्याशी को महज 8 वोट मिले। इस बगावत और क्रॉस वोटिंग के कारण बहुमत के बावजूद पार्टी की हार हुई। इसी मामले में सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक मंथन बैठक हुई। जिसमें कार्यकर्ताओं ने पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले पदाधिकारियों को निष्कासित करने की मांग रखी।

इनको निष्कासित किया मंडल अध्यक्ष ने

मंडलअध्यक्ष नारायणसिंह के अनुसार उन्होंने पंचायत समिति चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद भी पार्टी का प्रधान नहीं बनने पर पार्टी विरोधी कार्य के कारण 6 भाजपाइयों को पार्टी से निष्कासित किया है। खुद नारायणसिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पार्टी के सिंबल के खिलाफ प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले पूंजाराम मेघवाल एवं इसमें सहयोग करवाने वाले कालूराम चौधरी, अनिल अग्रवाल, झालाराम पुरोहित, अजय टांक, मदनसिंह को पार्टी से निष्कासित किया गया है।

मंडल अध्यक्ष को अधिकार नहीं

^यदिकिसी ने अनुशासनहीनता की है तो उसकी शिकायत प्रदेश कार्यालय को की जाती है। पूरी रिपोर्ट भेजी जाती है। इसके बाद प्रदेश कार्यालय दोनों पक्षों की सुनवाई करता है। इसके बाद ही किसी के निष्कासन या अन्य कार्रवाई का फैसला लिया जाता है। मंडल अध्यक्ष को इस प्रकार का अधिकार नहीं है। -लुंबारामचौधरी, जिलाध्यक्ष, भाजपा, सिरोही

मंडल अध्यक्ष को है अधिकार

^हमनेबैठक कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि पार्टी का नुकसान करने वाले काे निष्कासन होना चाहिए। जिसके बाद मैंने 6 लोगों को निष्कासित कर दिया। जहां तक अधिकार की बात है तो मंडल स्तर पर यदि कोई अनुशासनहीनता करता है तो उसे निष्कासित करने का हक मंडल अध्यक्ष को है। -नारायणसिंह, मंडल अध्यक्ष, रेवदर

रेवदर. भाजपा की चिंतन बैठक को संबोधित करते विधायक।