पुलिस पहरे में हुआ खाद का वितरण
सिंगोलीचारभुजा. कृषकसेवा सहकारी समिति में सोमवार को खाद के लिए किसानों की लंबी कतार लग गई। एक माह बाद जैसे ही खाद समिति पहुंचा आसपास के गांवों के किसानों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस जाब्ता बुलाना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में समिति के शेयरधारकों को ही खाद का वितरण किया गया। 400 कट्टे खाद आने के कारण अन्य किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। कृषक सेवा सहकारी समिति के लेखापाल हरक चंद टेलर ने बताया कि 1300 टन यूरिया खाद की मांग भेजी गई थी। अब तक मात्र 300 टन खाद ही मिल पाया है।
सिंगोली चारभुजा. कृषकसेवा सहकारी समिति के बाहर खाद के लिए लगी कतार।
जहाजपुर. क्रय-विक्रयसहकारी समिति में पुलिस की मौजूदगी में खाद लेते किसान।
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा/जहाजपुर
जिलेभरमें एक पखवाड़े से खाद की कमी के कारण किसानों में आक्रोश है। मांग के मुकाबले खाद कम आने से किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। सोमवार को जहाजपुर में खाद लेने आए किसान बेकाबू हो गए। किसानों को खदेडऩे के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। खाद लेने के लिए किसानों में धक्का-मुक्की भी हो गई। इसके बाद क्रय-विक्रय सहकारी समिति में पुलिस पहरे में खाद का वितरण शुरू किया गया। यहां खाद की जरूरत तीन हजार कट्टों की थी, जबकि सोमवार को मात्र 500 कट्टे ही खाद पहुंचा। इससे स्थिति यह हुई कि जितना खाद आया वह मात्र दो घंटे में खत्म हो गया। इफको प्रभारी निर्भय चौधरी ने बताया कि मंगलवार को जिले के लिए तीन हजार मैट्रिक टन खाद की रैक आने की संभावना है।
सिंचाई बांधों में इस बार पर्याप्त पानी होने से किसानों ने रबी फसलों की बुआई में कोई कसर बाकी नहीं रखी। बांधों से नहरें खुलने के साथ पहली रैलनी भी हो गई, लेकिन अब खाद को लेकर किसानों की नींद उड़ी हुई है।
क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में खाद नहीं होने से प्राइवेट डीलरों के यहां खाद पहुंचने की भनक पड़ते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
क्योंआई खाद की कमी
खाद की किल्लत के पीछे मुख्य कारण इस बार रबी फसलों की बंपर बुवाई और मांग की तुलना में यूरिया का आबंटन कम होना है। कमी को पूरा करने के लिए कृषि विभाग भी ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहा है। जिले में अभी 27 हजार मैट्रिक टन खाद की जरूरत है। अब तक मात्र 5 हजार 500 मैट्रिक टन खाद ही पहुंच पाया है।