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खुद भले ही खड़े नहीं हो सकते, पर खड़े कर दिए हजारों पेड़
शिक्षकदेवीलाल धाकड़ बीमारी के कारण पैरों पर खड़े नहीं हो सकते लेकिन उनका जुनून देखने लायक है कि हजारों पेड़ खड़े कर दिए और आज भी बाल्टी और पौधा अपनी ट्राइस्कूटर पर साथ ही रखते हैं। जहां जगह खाली देखी वहीं पर पौधा लगा देते हैं। इस पौधे को पेड़ बनने तक देखभाल भी करते हैं। पेड़ों से उन्होंने परिवार-सा रिश्ता बना रखा है, हर पेड़ हिसाब तारीखों में रखते हैं।
भीलवाड़ा के गांव बरूंदनी राजकीय प्राथमिक विद्यालय धाबाई की झोपडिय़ां में शिक्षक देवीलाल धाकड़ की मेहनत से साढ़े तीन हजार से अधिक पेड़ उनकी मेहनत की जीती-जागती मिसाल है। बच्चों को पढ़ाने और पौधों को लगाने में विकलांगता कभी भी उनके आड़े नहीं आई। 45 वर्षीय देवीलाल की पहचान ही बन गई है कि उनकी ट्राइस्कूटी पर पौधे और एक बाल्टी टंगी रहती है। रास्ते चलते वे खाली जगह की तलाश करते रहते हैं और उचित स्थान मिलते ही पौधरोपण कर देते हैं। अब तक कितने पौधे वे रोप चुके हैं और किन लोगों की मौजूदगी में पौधरोपण किया गया, इसका वे पूरा रिकॉर्ड भी रखते हैं।
उनकी हर सुबह की शुरुआत अपने लगाए पौधों को पानी पिलाने के साथ होती है। स्कूल जाते और लौटते समय वे पौधों को पानी पिलाते जाते हैं। स्कूल पहुंचते ही वे बच्चों को पढ़ाने में व्यस्त हो जाते हैं और स्कूल छोड़ते ही पौधों की सुरक्षा और पौधरोपण को लेकर उनका शुरू हो जाता है। शिक्षक देवीलाल के पास हर समय एक डायरी रहती है। किसने, कब पौधा रोपा और कौनसा पौधा लगाया, यह रिकॉर्ड भी उनके पास है।
धूप में पढ़ते नहीं देखा गया
डेढ़साल की उम्र में पोलियों के कारण पैरों की शक्ति से वंचित रहने वाले देवीलाल ने शिक्षक के रूप में अपना कॅरियर चुना। वे बताते हैं कि जिस स्कूल में वे पढ़ाते थे वहां कोई पेड़ नहीं था। बच्चे धूप में पढ़ने को विवश थे। बच्चों की यह परेशानी मुझसे देखी नहीं गई। बच्चों को छाया नसीब हो, इस उद्देश्य से मैंने सबसे पहले स्कूल में एक पौधा लगाया। रोज उसकी देखभाल की। पौधा पेड़ बना तो खूब छाया रहने लगी। इसके बाद मैंने ठान लिया कि अब पौधरोपण के अभियान को ही अपना लक्ष्य बना लिया।
बरुंदनी. पानी की बाल्टी पौधा हर समय साथ ही रखते है शिक्षक देवीलाल।
3659 पौधे लगा चुके हैं अब तक
शिक्षकदेवीलाल धाकड़ अब तक 3659 पौधे लगा चुके हैं। इनमें नीम के 250, बड़ 3, पीपल 1, बबूल 400, पलास के 3000, बिल्व पत्र 2, रेण का 1, खीत 1, कल्प वृक्ष जोड़ा एक। वे अब तक बरूंदनी , धाकड़ खेड़ी, किशनपुरा, अमरगढ़, धाबाई की झोपडिय़ां आदि गांवों में पौधरोपण कर चुके हैं जो अब पेड़ बन गए हैं।
सीमेंटके ट्री गार्ड खुद बनाते हैं
देवीलालजहां पौधे लगाते हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए सीमेंट के 6 फीट ऊंचे और 3 फीट चौड़ाई वाले ट्री गार्ड भी वहीं खुद तैयार करते हैं। एक ट्री गार्ड बनाने में 200 ईंटें 15 किलो सीमेंट लगती है। अब तक वे ऐसे 182 ट्री गार्ड बना चुके हैं।
अभियानमें भागीदार बने कई अफसर नेता
धाकड़के पौधरोपण अभियान में राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया, क्षेत्रीय सांसद सुभाष बहेडिया, मांडलगढ़ विधायक कीर्ति कुमारी, पूर्व मंत्री चुन्नीलाल धाकड़, पूर्व विधायक बद्रीप्रसाद गुरुजी, पूर्व विधायक प्रदीप कुमार सिंह आदि भागीदार बन चुके हैं।