खाद देने में देरी पर की नारेबाजी
भोरहोने से पहले ही क्रय-विक्रय सहकारी समिति के बाहर किसानों की लंबी कतार लग गई। महिला पुरुष पहले पर्ची बनाने फिर खाद के लिए कतार में लगे रहे। समिति व्यवस्थापक सुबह दस बजे आए। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
भीड़ ज्यादा होने से बस स्टैंड पर जाम के हालात बन गए। इससे खाद वितरण भीलवाड़ा मार्ग स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में किया गया। सहायक कृषि अधिकारी गोपाल तेली ग्राम सेवक गोपाल लाल जोशी ने खाद के लिए पहले पर्चियां काटना शुरू किया। किसानों की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस जाब्ता बुलाना पड़ा। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 3 हजार टन खाद की जरूरत है, जबकि 800 टन खाद ही पहुंच पाया है। बुधवार को समिति में 350 कट्टों का वितरण किया गया। सहायक निदेशक कृषि विस्तार शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले साल 2775 टन खाद बांटा गया। इस बार बुवाई का रकबा बढ़ने से मांग 3हजार टन हो गई।
थाने में बनाई पर्चियां
काछोला. यूरियाखाद की किल्लत के कारण बुधवार सुबह चार बजे से ही खाद लेने के लिए किसान पहुंचना शुरू हो गए। समिति के बाहर किसानों की लंबी कतार लग गई। खाद के कट्टे 300 आए लेकिन खाद लेने एक हजार से अधिक किसान पहुंच गए। इससे कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। भीड़ ज्यादा होने से खाद की पर्चियां पुलिस थाने में बनाई गई। यहां से पर्ची लेकर किसान समिति खाद लेने पहुंचे। इससे किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
खाद कम किसान ज्यादा
सिंगोली चारभुजा. दोसमितियों पर एक साथ खाद का वितरण किया गया। एफएसएस सिंगोली में 320 एवं जीएसएस में 300 कट्टे वितरित किए गए। किसान ज्यादा होने से कई किसान बिना खाद के लौटे। जीएसएस अध्यक्ष भारत सिंह पुरावत ने बताया कि हमने करीब 500 क्विंटल यूरिया खाद की मांग भेज रखी है। अब तक केवल 150 क्विंटल खाद ही मिला है। एफएसएस के लेखापाल हरकचंद टेलर ने बताया कि हमने 1300 टन खाद की मांग भेजी लेकिन अब तक मात्र 36 टन खाद ही मिला है।
बुलाना पड़ा पुलिस जाब्ता
पारोली. खादलेने आए किसान उस वक्त गुस्सा हो गए जब कतार तोड़कर कुछ लोग आगे निकलने लगे। किसान हंगामा करने लगे। इस पर समिति के व्यवस्थापक सत्यनारायण शर्मा को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में किसानों को खाद की पर्चियां बांटी गई। इसके बावजूद हंगामा नहीं थमा तो व्यवस्थापक ने खाद का