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कलशाभिषेक समारोह में तपस्वियों का सम्मान

7 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा. शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा पर जब स्वर्ण कलश से अभिषेक प्रारंभ हुआ तो विद्या सागर वाटिका का विशाल हॉल जयकारों से गूंज उठा। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के वार्षिक कलशाभिषेक के अवसर पर जन समुदाय उमड़ पड़ा। समारोह में ओमचंद रिखब चंद बाकलीवाल ने स्वर्ण कलश तथा आयुष शाह ने रजत कलश से अभिषेक किया। इसी प्रकार रुपचंद नरेश कुमार गंगवाल ने श्रीजी को पुन:मंदिर में बिराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त किया।

इस अवसर पर मुनि विश्रांत सागर महाराज ने कहा कि जिनवाणी का कथन कड़वा लग सकता है, लेकिन कड़वा नहीं होता है। हमारा सांसारिक जीवन चिरायता के समान कड़वा है। जिनवाणी उसमें शक्कर का काम करती है। आर्यिका सौभाग्यमति माता ने कहा कि संसारी प्रेम के बदले प्रभु से प्रेम करने से जीवन के दुख समाप्त हो सकते हैं। ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने वार्षिक प्रतिवेदन में भावी योजनाओं की जानकारी दी। ट्रस्ट के महेंद्र सेठी ने बताया कि कार्यक्रम में समाज की प्रतिभाओं उपवास करने वालों का सम्मान किया गया।
आदिनाथ महिला मंडल ने मंगलाचरण भक्ति नृत्य प्रस्तुत किया। इससे पूर्व दिन में एक बजे श्रीजी को भव्य जुलूस के साथ मंदिर से विद्या सागर वाटिका ले जाया गया। समारोह में विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवजी राम मीणा, सांसद सुभाष बेहडिय़ा एवं विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी शामिल हुए।