भीलवाड़ा . हाउसिंग बोर्ड शास्त्रीनगर सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर स्थित सुधासागर संयम भवन में रविवार को मुनि विश्रांत सागर एवं आर्यिका सौभाग्यमति माताजी के सानिध्य में वार्षिक कलशाभिषेक एवं क्षमावणी समारोह आयोजित हुआ।
श्रावक-श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री ने कहा कि देवशास्त्र गुरु की भक्ति एवं सामूहिक कार्यक्रमों का जीवन में बहुत महत्व है। मुनि श्री ने प्रवचन में कहा कि धार्मिक क्रियाओं के साथ-साथ सिद्धांतों को जीवन में अमल में लाना आवश्यक है।
जनसंपर्क मंत्री भाग चंद पाटनी ने बताया कि प्रारंभ में त्रिशला महिला मंडल की सदस्याओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवजी राम मीणा, पार्षद अनिल जैन, जितेंद्र दरियानी, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा आदि अतिथि उपस्थित थे। जिनेंद्र भगवान का कलशाभिषेक किया। समारोह में समिति अध्यक्ष दिनेश जैन, उपाध्यक्ष राजकुमार बड़जात्या, रतन काला, सचिव
पीके जैन आदि मौजूद थे।
इनका किया सम्मान
समारोह में पर्युषण पर्व पर दस, पांच तीन उपवास करने वाले तपस्वी श्रावक-श्राविकाओं का सम्मान किया गया। साथ ही 80 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ सदस्यों को भी सम्मानित किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वैद्य कमला कांत शर्मा, दीपक सेठी एवं धर्म चंद छाबड़ा का अभिनंदन किया गया।
संयम से देवगति: डॉ. सुभाषा
भीलवाड़ा . अरिहंतभवन में साध्वी डॉ. सुभाषा ने कहा कि जो वस्तु जैसी है, उसे वैसा ही समझो। संयय का पालन करने से मनुष्य को अच्छी गति मिलना निश्चित होता है। साध्वीश्री रविवार को कौन बनते हैं देवता विषय पर संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि चार प्रकार की गति यथा नरक, त्रियंच, मनुष्य एवं देव होती है। मनुष्य को कर्म के अनुसार गति मिलती है।
नरक गति में अर्क सूर्य नहीं होता। जहां अपार दुख एवं पीड़ा भोगनी पड़ती है। मनुष्य गति में अच्छे कर्म करके व्यक्ति देव गति एवं मोक्ष गति में भी जा सकता है। देवता भी मनुष्य गति में आकर धर्म साधना कर मोक्ष गति में जाने के लिए लालायित रहते हैं। व्यक्ति के मन एवं आत्मा में असीम शक्ति है। वह उसे मोक्ष तक भी ले जा सकती है।
वार्षिकोत्सव 6 अक्टूबर से
हरिशेवाधाम उदासीन आश्रम में बाबा शेवाराम साहिब का 98वां वार्षिक जन्मोत्सव 6 से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा।