सहकारी संस्थाओं में नहीं लगे प्रशासक
जिलेकी 11 क्रय-विक्रय सहकारी समिति, उपभोक्ता भंडार सहित अन्य सहकारी संस्थाओं में संचालक मंडल का कार्यकाल पूरा हो चुका है परंतु अभी तक प्रशासक नहीं लगाया है। इन संस्थाओं में प्रशासक नहीं लगने से पूर्व में निर्वाचित संचालक मंडल ही कार्य कर रहा है। जिले की 11 केवीएसएस के संचालक मंडल का कार्यकाल 20 अगस्त को ही कार्यकाल पूरा हो गया था। इन संस्थाओं को डिप्टी रजिस्ट्रार अनिल काबरा ने 27 अगस्त को नोटिस जारी कर दिया था। इसमें इन्हें संयुक्त रजिस्ट्रार अजमेर के समक्ष 17 सितंबर तक सुनवाई में उपस्थित होना था परंतु जिले से किसी भी संस्था का प्रतिनिधि सुनवाई में नहीं गया। इसी आधार पर अब इन संस्थाओं में प्रशासक लगने थे परंतु इसके आदेश जारी नहीं हुए हैं। सीसीबी में भी 30 सितंबर को बोर्ड का कार्यकाल पूरा हो जाएगा।
इनसंस्थाओं की यह स्थिति
{उपभोक्ता होलसेल भंडार: बोर्डका कार्यकाल 27 अगस्त को ही पूरा हो गया। इस दिन ही भंडार की चेयरमैन मोना शर्मा ने इस्तीफा दे दिया। अभी भंडार में प्रशासक नहीं लगाया है। शर्मा को भंडार के चेयरमैन के नाते ही कॉनफैड की अध्यक्ष बनाया था परंतु इस पद से भी इस्तीफा दे दिया है।
{सीसीबी: सेंट्रलकोऑपरेटिव बैंक के संचालक मंडल का कार्यकाल भी आज पूरा हो रहा है। वर्तमान में चेयरमैन भंवरु खां को बनेड़ा केवीएसएस के अध्यक्ष के नाते यहां चेयरमैन बना रखा है। वहां कार्यकाल पूरा हो गया और 30 सितंबर के बाद से यहां भी कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
{पीएलडीबी: भूमिविकास बैंक के संचालक मंडल का कार्यकाल 15 जनवरी को पूरा हो गया था। इसके बाद संयुक्त रजिस्ट्रार अजमेर ने एडीएम प्रशासन को यहां प्रशासक लगाया है। हालांकि प्रशासक लगने के बाद काम नहीं रुकेंगे परंतु ऋण वितरण धीमा पड़ गया है। अब इसके चुनाव होना बाकी है।
यहकाम हो रहे हैं प्रभावित
केवीएसएसके माध्यम से खाद-बीज अन्य खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। अब संचालक मंडल की अस्थिरता होने से कामकाज ठप पड़ा हुआ है। इन समितियों में बोर्ड मीटिंग नहीं होने से जनता के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। उपभोक्ता भंडार में भी बोर्ड नहीं होने से पेंशनर्स की दवाइयों तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में कोई निर्णय नहीं हो रहा है। भूमि विकास बैंक में भी ऋण वसूली वितरण का काम धीमा हो गया है।