भीलवाड़ा। विवाह सहायता योजना कागजी साबित हो रही है। पंजीकरण के बाद कई पात्र लोगों को सहायता स्वीकृत हो गई लेकिन एक-एक साल बाद भी लोगों को राशि नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि विवाह सहायता योजना के ज्यादातर स्वीकृत आवेदकों को योजना के अनुसार राशि का भुगतान कर दिया है। कुछ आवेदकों के डॉक्यूमेंट्स पूरे नहीं होने से उन्हें भुगतान नहीं किया है। ऐसे आवेदकों को डॉक्यूमेंट्स कंपलीट करने के लिए कहा है। वैसे यह योजना दिसंबर 2015 में बंद हो चुकी लेकिन पेंडिंग आवेदनों में सभी को पैसा देने का प्रावधान किया गया है।
केस 1: सुवाणा पंचायत समिति के धूमड़ास की कैलाशी देवी रैगर की बेटी नंदू की शादी के लिए 51 हजार स्वीकृत हुए। कैलाशी देवी कई बार श्रम विभाग के कार्यालय गई लेकिन आश्वासन ही मिला। दिसंबर में श्रम विभाग के अधिकारी घर पर वेरीफिकेशन के लिए भी गए फिर भी पैसा खाते में नहीं आया।
केस 2: धूमड़ास गांव के ही गोमालाल रैगर की बेटी मधु की शादी के लिए भी विवाह सहायता योजना के तहत 51 हजार रुपए स्वीकृत हुए। गोमा लाल ने कर्ज लेकर बेटी की शादी की। लेकिन सहायता राशि नहीं मिलने से अब परेशान हैं।
नहीं किया नवीनीकरण
श्रमविभाग श्रमिक पंजीकरण डायरी का भी नवीनीकरण नहीं कर रहा। कैलाशीदेवी का गांव सुवाणा पंचायत समिति में होने के बावजूद वर्ष 2013 में पंजीयन मांडल पंचायत समिति में कर दिया गया। वर्ष 2014 में सुवाणा पंचायत समिति में नवीनीकरण हो गया लेकिन अब वर्ष अब अधिकारी उसे नवीनीकरण के लिए मना कर रहे हैं।
अब पांच साल का नियम
निर्माण श्रमिकों की पंजीकरण डायरी का नवीनीकरण अब पांच साल में कराना होगा। अब तक पंजीकरण डायरी का नवीनीकरण हर साल होता था।
विवाह सहायता योजना में कुछ आवेदकों के डॉक्यूमेंट्स पूरे नहीं होने से राशि का भुगतान नहीं हुआ। उन्हें डॉक्यूमेंट्स कंपलीट करने के लिए बताया है। जल्दी राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। ओपीसहारण, उप श्रम आयुक्त।