चांद के उपलक्ष में खेला डांडिया, फलों से किया प्रतिमास्थल का शृंगार
भीलवाड़ा| मुहिन्जोज्योतिन वारो-लाल साईं आयो रे, लाल झूलेलाल-बेड़ीय वारो आयो लाल, मुहिंजी बेड़ी अथई जिन्द पीर ते-पल्लव पायां थी मां जिन्द पीर ते…… आदि भजनों पर सिंधी समाज के सैकड़ों स्त्री-पुरूष श्रद्धालुजन झूम उठे| मौका था पूज्य झूलेलाल मंदिर मंडल के तत्वावधान में बुधवार को चंद्र दर्शन के उपलक्ष में आयोजित मासिक डांडिया कार्यक्रम का। पूज्य झूलेलाल मंदिर मंडल, सिंधुनगर के प्रवक्ता पंकज हेमराजानी ने बताया कि विभिन्न धार्मिक आयोजनों के तहत हजारों दीपकों की झिलमिलाती ज्योति से समूचे मंदिर प्रागंण को सजाया गया। सिंधी लोकगीतों की मधुर स्वर लहरियों के मध्य ढोल की थाप पर विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं की टोलियों ने परम्परागत सिंधी गैर नृत्य (छैज) की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। श्रद्धालुओं द्वारा लाल साईं के पंजड़े भजन इत्यादि गाये गए जिससे सभी भावविभोर हो उठे। चांद के उपलक्ष में सेवाधारियों द्वारा मंदिर में स्थापित भगवान झूलेलाल की प्रतिमा स्थल का सैकड़ों किलो फलों से आकर्षक महाशृंगार किया गया। आयोजन समाप्ति के उपरान्त भगवान झूलेलाल की आरती करके सजाये सभी फलों को प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
कार्यक्रम में सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं युवा बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।