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अक्टूबर में महंगी हो जाएगी झुंझुनूं की जमीन

7 वर्ष पहले
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झुंझुनूं. शहर में जमीन की डीएलसी दर अक्टूबर में 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। जमीन के बाजार भाव में हुई रजिस्ट्रियों के औसत प्रस्तावों के आधार पर डीएलसी दर तय करने की तैयारी है। इसके लिए जल्दी ही बैठक होनी है। जनप्रतिनिधि चाहें तो बढ़ोतरी में पांच प्रतिशत तक कमी करा सकेंगे।
सूत्रों के अनुसार शहर के सीकर रोड, गुढ़ा रोड, मंडावा रोड, चूरू रोड, खाजपुर रोड क्षेत्र में जमीन के भाव देखते हुए डीएलसी दरों में भी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी इन्हीं इलाकों में होने की संभावना है। पुराने शहरी क्षेत्र में डीएलसी की बढ़ोतरी 10 प्रतिशत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
उप पंजीयन कार्यालय में डीएलसी दर बढ़ाने के प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं। सब रजिस्ट्रार बजरंगसिंह ने बताया कि डीएलसी दरों में संशोधन की कवायद महीनेभर से चल रही है। शहर के विभिन्न इलाकों का सर्वे कर प्रपोजल बनाए जा रहे हैं।

राजस्व में होगा इजाफा

शहर के कई इलाकों में डीएलसी दर बाजार भाव से काफी कम है। ऐसे में जमीन की खरीद-फरोख्त तो महंगी होती है लेकिन इसका पंजीयन कराने पर डीएलसी दर से सरकार को कम राजस्व मिलता है। डीएलसी दर बढ़ने से सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

अंतर कम होगा

पुराने शहर में कई ऐसे इलाके हैं जहां बाजार भाव से डीएलसी की दर अधिक है। ऐसे एरिया में जमीन तो सस्ती मिल जाती है लेकिन रजिस्ट्री के समय डीएलसी अधिक होने के कारण पंजीयन शुल्क ज्यादा चुकाना पड़ता है। ऐसे एरिया में बढ़ोतरी कम दर से की जाएगी जिससे बाजार भाव डीएलसी भाव का अंतर कम हो।

लोन लेने में मिलेगा फायदा

डीएलसीदर कम होने पर जमीन की रजिस्ट्री भी कम भाव पर होती है। ऐसे में खरीदार को जमीन पर लोन लेने में परेशानी होती। पंजीयन में जमीन के वास्तविक भाव का 10-20 प्रतिशत भी नहीं दिखाया जाता। ऐसे में मकान बनाते समय बैंक वाले जमीन की वैल्यू का कम आंकलन करते हैं और कम ही लोन मिल पाता।

कमेटी तय करती है जमीन के भाव

जिला स्तरीयकमेटी (डीएलसी) के अध्यक्ष कलेक्टर हैं। जिले के विधायक, प्रधान, नगर पालिकाओं के चेयरमैन सब रजिस्ट्रार कमेटी के सदस्य होते हैं। डीएलसी दर बढ़ाने का अंतिम फैसला जनप्रतिनिधियों पर निर्भर होता है। वे अपने क्षेत्र के तहसीलदार, सब रजिस्ट्रार से विचार-विमर्श कर सकते हैं।