लाखों की जल योजना का काम अधूरा
ग्रामपंचायत कोटपुरा में जनता जल योजना का काम दो वर्ष में भी पूरा नहीं हो सका है। काम की धीमी गति से ग्रामीणों में विभागीय अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से ग्रामीणों की पेयजल समस्या को देखते हुए करीब 66 लाख रुपए की जल योजना को करीब दो वर्ष पूर्व स्वीकृत दी गई थी। इसके लिए एजेंसी की ओर से काम भी शुरू किया गया। लेकिन काम की धीमी गति के कारण दो वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को योजना के तहत पानी नहीं मिल सका है।
ग्राम पंचायत सरपंच कालीचरण गुर्जर ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण योजना का काम दो वर्ष में भी पूरा नहीं हो सका है। एजेंसी की ओर से छह जीएलआर बनाई जा चुकी है साथ ही पाइप लाइन डालने का काम भी पूरा किया जा चुका है। सरपंच ने बताया कि करीब चार माह से एजेंसी की अोर से काम बंद कर दिया गया है। कई बार विभाग के कनिष्ठ अभियंता से लेकर अधिशाषी अभियंता तक शिकायत करने के बावजूद भी काम शुरू नहीं किया गया है। इससे गांव में बनी जीएलआर एवं पाइप लाइन भी शोपीस बने हुए है। सरपंच ने बताया कि ठेकेदार की ओर से जीएलआर में टोटियां लगाने का काम मात्र बाकी है। वहीं जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार ने बताया कि योजना का काम तो पूरा हो चुका है।दो बार टंकियों को पानी से भर कर चैक किया गया है। कुछ दिन बाद ही योजना के तहत बने ट्यूबवैलों पर रखे विद्युत ट्रांसफार्मर खराब पड़े है। इसके लिए कई बार निगम के अधिकारियों को शिकायत करने के साथ ही सुगम पर भी शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी विद्युत ट्रांसफार्मरों को ठीक नहीं किया गया है। जिसके कारण योजना के तहत ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
इन गांवों को मिलना है पानी
जनताजल योजना के तहत गांव में छह जीएलआर एवं दो ट्यूबवैल बनाए जा चुके है। ट्यूबवैल से सभी गांवों में पाइप लाइन डालने का काम भी पूरा हो चुका है। फिर भी ग्राम पंचायत कोटपुरा के गांव बिरजापुरा, झाड़े कापुरा, सरेंधिया पुरा तथा कोटपुरा में योजना के तहत पानी मिलना था। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन गांवों को योजना का पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
मनियां. गांव कोटपुरा में शोपीस बनी जीएलआर।