- Hindi News
- प्रभु के स्मरण मात्र से सुख की प्राप्ति : पाठक
प्रभु के स्मरण मात्र से सुख की प्राप्ति : पाठक
मनियां. कस्बाके त्यागी मोहल्ले में आयोजित भागवत कथा में कथा वाचक भरतलाल पाठक ने कहा कि भगवान को सच्चे मन से सुमिरन करने भर से ही मनुष्य को सुख की प्राप्ति हो जाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान कण कण में बिराजमान है। कथा वाचक पाठक ने कहा कि व्यक्ति को अच्छी संगत करनी चाहिए। क्योंकि आज के युग में संगत का बड़ा असर पड़ता है। उन्होंने भगवान के वामन अवतार की कथा सुनाई। बीच बीच में माता के भजन भी हुए। इससे पहले परीक्षित कन्हैयालाल ने व्यास गद्दी की आरती की। कथा सुनने के लिए कस्बा के बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष मौजूद थे।अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।
बसईनवाब.कस्बाके हरि मन्दिर पर आयोजित भागवत कथा में कथावाचक शिवम शास्त्री ने कहा कि सात दिन के श्रीकृष्ण ने बालघातनी पूतना का वध किया और उसे माता की गति प्रदान की। इसलिए ऐसे दयालु भगवान प्रेम करने लायक हैं। कथावाचक ने भगवान की माखन चोरी लीलाएं, गोपियों के चीर का हरण, गोवर्धन पूजा शांडिल्य मुनि के साथ बृजवासियों द्वारा पूजन आदि कथाओं का वृतांत सुनाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर समदर्शी हैं। वह हर जीव के साथ एक जैसा व्यवहार करते हैं। केवल दृष्टि का भेद है। भगवान देत्य को शत्रुत्व मन से देखते हैं और देवता का प्रेमभाव से व्यवहार करते हैं। दोनों को भावानुसार फल आनन्द प्राप्त होता है।
मनियां. त्यागी मोहल्ले में आयोजित कथा में मौजूद श्रद्धालु।