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अब ऑनलाइन बिकेगी किसानों की फसल, मिलेंगे अच्छे दाम

6 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

अबआपको कृषि मंडियों में फसलों के चारों तरफ खड़े होकर बोली लगाते व्यापारी नजर नहीं आएंगे। सरकार कृषि मंडियों में जल्द ही ऑनलाइन ट्रेडिंग और ऑनलाइन ऑक्शन की व्यवस्था करने जा रही है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले एक दो माह में ही कृषि मंडियां ऑनलाइन ट्रेडिंग नीलामी से जुड़ जाएगी।

इससे किसानों को दलालों से भी मुक्ति मिलेगी और उसकी उपज का अच्छा पैसा भी मिलेगा। कारण कि किसान का माल पूरे देशभर के व्यापारी ऑनलाइन देख सकेंगे और ऑनलाइन ही वे इसकी गुणवत्ता जांच सकेंगे।

रिम्स से मंडियों के जुड़ने के साथ ही फसल लेकर मंडी पहुंचने वाले किसानों की फसलों को स्केन किया जाएगा। फसलों की फोटो को ऑनलाइन किया जाएगा तो मंडी अधिकारी फसल की गुणवत्ता के बारे में जानकारियां डालेंगे। उदाहरण के तौर पर रायड़े में कितना प्रतिशत ऑयल तथा मूंग की फसल में अन्य फसलों के दाने या कंकर पत्थर तो नहीं है। ये सब क्वालिटी को चेक करने के बाद ऑनलाइन रिपोर्ट दी जाएगी कि मूंग में जोरदार चमक है तथा दाने एक समान है। यानि मूंग उच्च गुणवत्ता का है।

योजना | मंडियों का डाटा बेस होगा तैयार

दरअसलई-गवर्नेंस के तहत प्रदेश के कृषि विपणन निदेशालय ने कृषि मंडियों को राजस्थान इंटीग्रेटेड मंडी मैनेजमेंट सिस्टम (रिम्स) के तहत ऑनलाइन किया है। सभी मंडियों का डाटा बेस तैयार कर लिया गया है। अब मंडी में आने वाली समस्त कृषि जिंसों की आवक, आवक गेट पास, ढेरी बोली नीलामी, विक्रय पर्ची, अमानत पट्टी एवं व्यापारी द्वारा खरीदे गए माल का जावक गेट पास की ऑनलाइन एंट्री शुरू हो गई है। इस योजना से मेड़ता डेगाना की मंडियों को भी जोड़ा गया है।

व्यापारियों को भी फायदा

मेड़ताके व्यापारी जयपुर या गुजरात की किसी मंडी में पड़े माल को खरीद नहीं पाते हैं। ऐसे में वे क्षेत्रीय दलालों की मदद से माल खरीदते हैं। अब ऑनलाइन नीलामी ऑनलाइन ट्रेडिंग से मंडी व्यापारी भी गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की मंडियों से सीधे माल खरीद सकेंगे। उनका भी खरीद फरोख्त का दायरा बढ़ेगा। फिलहाल वे मेड़ता की मंडी तक ही सिमटे हुए हैं।

उद्देश्य | फसलों का बड़ा मार्केट तैयार हो

सरकारकिसानों की फसलों का बड़ा मार्केट खड़ा करना चाहती है। उदाहरण के तौर पर मेड़ता के मूंग को फिलहाल मंडी में एक से दो दर्जन खरीदार ही बोली लगाकर खरीद रहे हैं। ये व्यापारी फसल के चारों ओर खड़े होकर बोलियां लगाते हैं और हाथों हाथ ही चंद मिनटों में खरीद फरोख्त हो जाती है मगर अब किसान की मंडी में लाई गई फसल को इमेज लेकर उसे ऑनलाइन किया जाएगा। देशभर के बड़े व्यापारी संबंधित किसान की फसल को ऑनलाइन देखेंगे और ऑनलाइन उसकी गुणवत्ता जांचेंगे। वे कम से कम एक घंटे की जारी रहने वाली नीलामी में ऑनलाइन ही बोली लगा सकेंगे।

चल रही है तैयारियां, सब को होगा लाभ

^मंडियोंको ऑनलाइन ट्रेडिंग ऑनलाइन ऑक्शन से जोड़ने के लिए सिस्टम लागू हो गया है। प्रयोग के तौर पर जयपुर की मंडी में ऑनलाइन काम कराया जा रहा है। जल्द ही नागौर, मेड़ता डेगाना की मंडियां ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ जाएगी। इससे किसानों सहित व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। रघुनाथसिंवर, मंडी सचिव, मेड़ता

मेड़ता सिटी. मंडीमें ढेरी बोली लगाते व्यापारी उपस्थित किसान। फाइलफोटो