पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • भास्कर न्यूज | जयपुर

भास्कर न्यूज | जयपुर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | जयपुर

रबीकी फसलों में यूरिया की लगातार कमी के बाद अब दिसंबर का आधा महीना बीत जाने के बाद जाकर यूरिया की आपूर्ति हुई है। किसान संगठनों का कहना है कि अब फसलों में जो नुकसान होना था, वो तो हो गया है, अब फसल डेढ़ से दो महीने की हो जाने की वजह से कोई खास मांग भी नहीं है। उधर कृषि विभाग का दावा है कि लगातार हो रही यूरिया की आवक के बाद अब राज्य में यूरिया संकट लगभग खत्म हो गया है। दो दिनों में 42 हजार मैट्रिक टन यूरिया गया है और अगले दो दिनों में 35000 मैट्रिक टन यूरिया की और आवक होगी। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामगोपाल शर्मा ने बताया कि पिछले दो दिनों में चंबल फर्टिलाइजर से प्राप्त 7000 मैट्रिक टन यूरिया को कोटा, बारां और लालगढ़ (बीकानेर) भेजा गया है। नेशनल फर्टिलाइजर से प्राप्त 6000 मैट्रिक टन यूरिया को कोटा, बारां, कनकपुरा (जयपुर), आरसीएफ से प्राप्त 5200 मैट्रिक टन यूरिया को हनुमानगढ़, जवाई बांध, इफको से प्राप्त 5800 मैट्रिक टन यूरिया को भरतपुर एवं हनुमानगढ़, श्रीराम फर्टिलाइजर से प्राप्त 3500 मैट्रिक टन को श्रीगंगानगर, आईपीएल से प्राप्त 1200 मैट्रिक टन को मेड़ता, जोधपुर, कोटा, एनफसीएल से प्राप्त 3100 मैट्रिक टन यूरिया को भगत की कोठी भिजवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि यूरिया की 11 रैक ट्रांजिट में हैं, जो आगामी दो दिन में यहां पहुंच जाएंगी। इन रैकों के आने से राज्य में 35000 मैट्रिक टन यूरिया की और आपूर्ति हो जाएगी। शर्मा ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रदेश में यूरिया की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में इसकी उपलब्धता है और राज्य के किसी भी हिस्से के किसान को यूरिया की कमी नहीं होने दी जाएगी।