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कोच में तिजोरी नहीं घुसने पर बहस, ट्रेन हुई लेट

7 वर्ष पहले
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भोपाल-जोधपुरपैसेंजर ट्रेन के पीछे मेड़ता रोड में डीएमयू रैक के गार्ड कोच में रेलवे की तिजोरी नहीं घुस सकी। इसेे लेकर रेलवे कर्मचारियों मेें काफी बहस हो गई जिससे डीएमयू सवाल घंटे की देरी से रवाना हो सकी। इस तिजोरी में 27 स्टेशनों का कैश जोधपुर जाता है। रेलवे अफसरों में काफी लंबी बहस के बाद आखिर तिजोरी को मेड़ता रोड में सुरक्षा के बीच रखा गया। अब इसे दूसरी ट्रेन से जोधपुर भेजा जाएगा।

भोपाल से जोधपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में सांभर से बनाड़ रेलवे स्टेशन तक 27 स्टेशनों का प्रतिदिन की आय का समस्त कैश तिजोरी में स्टेशन मास्टर द्वारा बंद बैग में डाला जाता है। तिजोरी की सुरक्षा गार्ड करता है। गार्ड के देखरेख में ही वह जोधपुर तक पहुंचती है मगर मेड़ता रोड में 11 नवंबर से मेड़ता रोड में मेंटीनेंस के बाद डीएमयू रैक को भोपाल पैसेंजर ट्रेन के पीछे जोड़ा जाता है। रैक जोड़ने के साथ तिजोरी गार्ड की पेटी को डीएमयू रैक में रखा जाता है।

जोधपुर मंडल में पहुंची 7 रैक में दो डीएमयू रैक के गार्ड चालक के केबिन के दरवाजे छोटे हैं इसलिए तिजोरी उसमें नहीं आती है। अब तक तो असुरक्षा के बीच कभी कभार भेज दी जाती थी। रविवार की शाम को एक घंटे की देरी से पहुंची डीएमयू में तिजोरी रखने का प्रयास किया मगर तिजोरी नहीं रखी जा सकी।

सवा घंटे बाद ट्रेन हुई रवाना

यहट्रेन यहां शाम 4.35 बजे पहुंच गई। यहां पर डीएमयू रैक लगाया गया। उसके बाद जोधपुर-अबोहर का क्रॉसिंग कराने के बाद दिल्ली सराय रोहिल्ला-भगत की कोठी, वाराणसी-जोधपुर को रवाना किया गया। फिर तिजोरी का विवाद हो गया। इसके चलते सवा घंटे बाद ट्रेन रवाना हुई। डीएमयू में दरवाजा छोटा होने से यात्री रेलकर्मी भी बेहद परेशान हुए। डीएमयू में जाने वाले यात्रियों का कहना था कि मेड़ता रोड पर रेलवे कर्मचारियों में तालमेल नहीं होने के कारण आए दिन रेल यात्री परेशान होते हैं मगर रेलवे प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है। एक तिजोरी रखने के लिए क्या रेलवे को पता नहीं था कि तिजोरी गार्ड के कोच में पाएगी कि नहीं।

मेड़ता रोड भोपाल-जोधपुर ट्रेन के पीछे डीएमयू में तिजोरी रखने का प्रयास करते रेलकर्मी।

यह है विवाद का कारण

तिजोरीकेबिन में नहीं आने पर आगे वाले कोच में रखने की कवायद करने पर गार्ड ने ऐसा करने असुरक्षित ले जाने से इनकार कर दिया। क्योंकि प्रत्येक स