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चोरों की मेहरबानी और अधिकारियों की सुस्ती के चलते आधे आईटी केंद्र ही दे पा रहे हैं सेवा
रोल
35 में से चार में सोलर प्लांट खराब, चार में चोरी
सरकार ने आदेश दिया था कि जो आईटी केंद्र ग्राम पंचायत मुख्यालय से दूर हैं, उन पर गार्ड लगाए जाएंगे ताकि चोरी अन्य प्रकार की वारदातें रोकी जा सके, लेकिन गिने चुने केंद्रों को छोड़ कर बाकी की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। यहां तक कि जहां कई बार चोर करामात दिखा चुके हैं, वहां भी कोई परवाह करने वाला नहीं दिखाई देता।
यह कमियां बनी परेशानी
इंटरनेटनहीं : जिलेके अधिकतर सेवा केंद्र इंटरनेट सेवा से वंचित हैं। सभी में राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स की ओर से सोलर पीवी सिस्टम लगाए गए थे। इनके जरिये राजीव गांधी सेवा केंद्रों को ऑनलाइन किए जाने का प्रस्ताव था। इन केंद्रों में मिनी बैंक, सीएससी, मित्र आरकेसीएल को स्थान उपलब्ध कराने के लिए एक एमओयू भी हुआ था। इन केंद्रों में 1120 किलो वॉट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाने का प्रावधान था। पांच साल के रखरखाव की जिम्मेदारी सहित पंचायत समिति स्तर पर 6 लाख रुपए की लागत पर राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स को सोलर प्लांट लगाने थे। ग्राम पंचायत स्तर पर सोलर प्लांट की लागत 3 लाख 10 रुपए थी। इसमें राज्य सरकार की ओर से भी राशि दिए जाने का प्रावधान था, लेकिन आज अधिकतर में इंटरनेट नहीं होने से ऑनलाइन सिस्टम नहीं है।
पांच आईटी केन्द्रों पर 18 माह से कम्प्यूटर कार्य ठप
यह भी हुए सचेत
मकरानाके कार्यवाहक विकास अधिकारी त्रिलोकाराम ने बताया कि चोरी की रोकथाम के लिए 33 ग्राम पंचायतों के आईटी केन्द्रों पर चौकीदारों की व्यवस्था कर दी गई है। शेष तीन आईटी केन्द्रों पर भी जल्द ही चौकीदार लगा दिए जाएंगे। जिन आईटी केन्द्रों की बैटरियां चोरी हुई हैं वहां नए उपकरण लगाने के प्रस्ताव भेजे हुए हैं।
चौकीदार लगे हैं
^डीडवानाकी ग्राम पंचायतों में उपकरण चोरी होने की रिपोर्ट थानों में दर्ज करवाई थी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सभी केन्द्रों पर चौकीदारी भी की जा रही है। उपकरण लगाने के संबंध में विभागीय स्तर पर उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया गया है। शीघ्र ही नए उपकरण जाएंगे, हालांकि सोलर प्लांट बिजली से काम हो रहा है। -हरीशतिवाड़ी, सहायकअभियंता, पंचायत विभाग
जन सुनवाई नहीं
सरकारका आदेश था कि सभी आईटी केंद्रों पर नियमित रूप से सुबह 10 से 12 बजे तक जन सुनवाई हो, लेकिन अधिकतर