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एईएनके खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई : इसीप्रकार करणू सरपंच के पुत्र द्वारा नागौर पंचायत समिति के एईएन लक्ष्मण बेनीवाल के खिलाफ निर्माण कार्यों को लेकर कमीशन मांगने की शिकायत के संबंध में भी एफआईआर दर्ज करने के लिए जयपुर भेजी गई है। करणू सरपंच जमना देवी के पुत्र गोपा राम मेघवाल ने कुछ दिन पहले एसीबी में शिकायत की थी कि नागौर पंचायत समिति का एईएन लक्ष्मण बेनीवाल निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृति राशि में से कमीशन मांग रहा है। एईएन ने कमीशन के लिए 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। इसके बाद 20 हजार रुपए में मामला तय हुआ। परिवादी ने एसीबी में शिकायत की, तो इसका सत्यापन करवाया गया। इसके बाद एसीबी ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार करने की योजना बनाई तो एईएन को शक हो गया और उसने रिश्वत लेने से मना कर दिया। इस पर एसीबी ने रिपोर्ट तैयार कर दर्ज करवाने के लिए मंगलवार को जयपुर मुख्यालय पर भेजी है। इसमें एईएन के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत धारा 7 पीसी एक्ट रिश्वत मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भेजी है।
एकीकरणके बावजूद
लाखोंका बजट होता है खर्च: कमशून्य नामाकंन वाली स्कूलों के शिक्षकों को अधिक नामाकंन वाली स्कूलों में भेजना चाहिए। शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत 30 बच्चों पर एक शिक्षक कार्यरत होना चाहिए। एक अनुमान के मुताबिक एक शिक्षक का सालाना वेतन लाखों रुपए में है तथा स्कूल के अन्य बजट पोषाहार में भी हजारों रुपए खर्च होते है। ऐसे में शून्य नामाकंन वाली स्कूलों में होने वाला लाखों का बजट फिजूल खर्च हो रहा है। जिले में कई स्कूल ऐसे है जहां नामाकंन के आधार पर अधिक संख्या में शिक्षक कार्यरत है।