मेड़ता। मेड़ता रोड-जोधपुर रेलमार्ग मध्य असारानाडा के पास में सालासर एक्सप्रेस की टक्कर से क्रेन के परखच्चे उड़ गए। इंजन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक रेलमार्ग बाधित रहा। इस कारण आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों को देरी का सामना करना पड़ा। चालक-सहचालक को मेड़ता रोड में ही ऑफ किया गया।
शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे भगत की कोठी-दिल्ली सालासर एक्सप्रेस जोधपुर से रवाना होकर मेड़ता रोड रही थी कि असारानाडा स्टेशन से रंनिग थी खंभा संख्या 592 के 2-3 के पास स्थित मानवरहित फाटक से क्रेन क्रॉस कर रही थी। जो पटरियों में ही अटक गई। इस पर क्रेन का चालक कूद गया और क्रेन ट्रेन की चपेट में गई। शेषपेज 13 पर
सहम गए यात्री
ट्रेन-क्रेनकी भिड़ंत होने के समय इतनी जोरदार आवाज हुई कि यात्री एकदम सहम गए कि बड़ा हादसा घटित हो गया है। चालक ने भी इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। यात्रियों ने नीचे उतर कर देखा तो वास्तव में ही बड़ा हादसा हो रखा था। मौके पर पहुंचे रेल अधिकारियों ने यात्रियों की कुशलक्षेम देखकर राहत की सांस ली।
यह ट्रेनें हुई लेट
इसकारण सालासर एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से पहुंची। इंजन के पीछे वाले कोच के पायदान क्षतिग्रस्त होने पर उसे बदला गया। बांद्रा-बीकानेर दो घंटे, बाड़मेर-कालका एक्सप्रेस 2 घंटे 50 मिनट, जोधपुर-हिसार तीन घंटे, बीकानेर-बांद्रा रणकपुर एक्सप्रेस एक घंटे, जोधपुर-पुरी, जोधपुर-विशाखापट्नम, भोपाल-जोधपुर सहित अन्य ट्रेनों को एक से दो घंटे की देरी का सामना करना पड़ा।
पायदान बदलते रेलकर्मी।
घटना के समय लॉगरूट था इंजन
इंजनशॉट लॉग रूट से चलता है। यदि घटना के समय इंजन लॉग नहीं होता तो चालक, सहचालक सहित यात्रियों के भी गहरी चोटें लगती और जनहानि हो सकती थी। मगर संयोग से ही इंजन लॉगरूट था। वहीं चालक सहचालक को मेड़ता रोड में ड्यूटी से ऑफ करते हुए दूसरे चालक, सहचालक को ऑन ड्यूटी किया गया।