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16 घंटे सूना रहेगा टीसी ऑफिस

7 वर्ष पहले
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मेड़तारोड स्टेशन पर 70 ट्रेनों की आवाजाही वाले जंक्शन स्टेशन पर मात्र एक टिकट संग्राहक है। जो आठ घंटे की ड्यूटी के बाद ऑफ होता है तो 16 घंटे तक यात्रियों को जानकारी देने वाला कोई रेलकर्मी नहीं होता है।

स्टेशन पर जोधपुर के सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक का एक आदेश चस्पा कर दिया गया है। इस पार साफ लिखा है कि यात्री ट्रेन की आवाजाही के बारे में 139 पर कॉल करके सूचना प्राप्त करें। मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन भले ही जोधपुर मंडल का सबसे बड़ा जंक्शन हो, मगर यहां पर टीसी कार्यालय में रेलकर्मियों का संकट बरकरार है। इसके कारण आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहा है और रेलवे को यात्रीगण चूना लगा रहा है। यहां पर तीन टिकट संग्राहक के पद हैं। इनमें से एक टिकट संग्राहक कालूराम को जोधपुर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। दूसरे टीसी हेमराज का प्रमोशन टीटीई में होने, आवश्यकता पड़ने पर उसे आरक्षित कोच में ड्यूटी पर लगाया गया है। तीसरे टिकट संग्राहक संतोष कुमार का प्रमोशन भी टीटीई में हो गया है। अब यहां पर टीसी अन्य कोई नहीं होने पर संतोष को ही काम करना पड़ रहा है। उसकी ड्यूटी आठ घंटे तक होगी।

70 ट्रेनें हैं रोजाना

जोधपुरमंडल का सबसे बड़ा जंक्शन स्टेशन है। यहां रोज 70 से ज्यादा ट्रेनें आती-जाती हैं। की आवाजाही रहती है। 24 घंटे ही ट्रेनों की रेलमपेल जारी रहती है। ऐसे में आठ घंटे के बाद 16 घंटे तक टीसी कार्यालय सूना पड़ा रहेगा।

लगेगी चपत

निकासद्वार पर टीसी खड़ा नहीं रहने पर बेटिकट यात्री आसानी से धड़ल्ले के साथ बाहर निकलेंगे। उन्हें कोई रोकना वाला नहीं रहेगा। जबकि बेटिकट यात्री से ढाई सौ रुपए जुर्माने सहित किराया वसूल कर सकता है।

परेशान होंगे यात्री

यहांपर ट्रेनें अधिक आने से ट्रेनों के प्लेटफार्म निश्चित नहीं है। ट्रेन के आगमन समय अचानक प्लेटफार्म संख्या बदल दी जाती है। ऐसे में उदघोषणा नहीं होगी तो यात्रियों को भारी परेशानी होगी। कंप्यूटर में भी कोई फीडिंग नहीं करेगा कि कौनसी ट्रेन कब, कौनसे प्लेटफार्म पर आएगी। टीसी कार्यालय में कोई नहीं रहने पर अधिकांशत यात्री बुकिंग कर्मचारी से ही पूछताछ करते हैं जो टिकट बांटने में व्यस्त रहने पर जानकारी देने में असमर्थ रहता है। जनरल, आरक्षित, एसी कोच की प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के बाद क्या स्थिति रहेगी। ऐसे में यात्रीगण इधर-उधर भटकने को मजबूर हो जाएंगे।