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येथीं प्रमुख मांगें: माकपाके जिला सचिव भागीरथ यादव बताया कि सूख कुओं पर भार कम करने, एसआई स्कीम के तहत स्वीकृत कार्य को तुरंत प्रभाव से पूरा करने, घरेलू उपभोक्ताओं को विद्युत कनेक्शन जल्द देने, एईएन सुभाष चाहर के कार्यकाल में स्वीकृत एसएफएस, एसआई योजना एवं घरेलू कनेक्शनों की अनियमितता की जांच किसी जिला स्तरीय अधिकारी से कराने हटाए जाने की मांग भी की।
एईएनको समझाया: किसानोंने सोमवार को करीब 6 घंटे के विरोध प्रदर्शन के पश्चात शाम 4.30 बजे तहसीलदार श्योराम वर्मा, एक्सईएन आरबी सिंह, नायब तहसीलदार मनोहर सिंह , लेखाकार रामप्रसाद स्वामी सहित अनेक अधिकारियों ने धरने पर बैठे किसानों से बात भी की। लेकिन किसानों ने एईएन को धरनास्थल पर बुलाकर किसानों से किए गए रुखे व्यवहार के लिए खेद प्रकट करने को कहा। इस पर वर्मा ने चाहर को बुलाकर अच्छे व्यवहार समस्याएं निपटाने को कहा। जब जाकर मामला शांत हुआ।
अपहृतइंद्रचंद...
अनशनपर सबसे पहले मैं बैठूंगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी पार्टी का नहीं बल्कि सभी समुदाय का है।
बेनीवाल को कंधों पर लेकर पहुंचे समर्थक
खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के डीडवाना पहुंचते ही समर्थकों ने उनको कंधे पर उठा लिया और नारे लगाते हुए धरना स्थल पर पहुंचे इस दौरान समर्थकों ने रूपा राम डूडी एवं जीवण गोदारा के अमर रहे के नारे भी लगाए।
तैनातरहा 400 पुलिसकर्मियों का जाप्ता : डीडवानाबंद को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सोमवार को बंद के दौरान संपूर्ण डीडवाना शहर पुलिस छावनी बन गया। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार कानूनी व्यवस्था के लिए मकराना, कुचामन, जायल, नागौर के एसडीएम सहित डीडवाना एडीएम, तहसीलदार को मजिस्ट्रेट के रूप में लगाया गया सुरक्षा की दृष्टि से डीडवाना नागौर एएसपी सहित जिले के पांच डीएसपी 20 थानों के एसएचओ करीब 400 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
व्यापारियों ने नहीं दिया समर्थन, फिर भी बंद रहे बाजार
डीडवाना आरट्रैट एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल परसावत, व्यापार मण्डल के ओमप्रकाश मोदी के साथ सुबह 10 बजे प्रशासनिक अधिकारियों ने चर्चा की और आश्वासन दिया कि किसी भी व्यापारी को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। वहीं परसावत ने कहा कि बंद के आह्वान की हमें लिखित रूप से सूचना नहीं थी। इस बंद का हमारा कोई विरोध नहीं है मगर बंद के लिए कोई प्रा