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22 साल बाद मकानों पर होगी नंबर प्लेट शहर के चारों तरफ बनेंगे नए प्रवेश द्वार

6 वर्ष पहले
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डेहरोड : गुड़लाबाइपास के आगे

डीडवानारोड : शक्करतालाब से आगे

अजमेररोड : परिषदकी सीमा पर

जोधपुररोड : सिंघाणीमोड के पास

बीकानेररोड : नहरीपानी के डेम से पहले

नंबर प्लेट से होगी पहचान, उसके अनुसार आएगी डाक

परिषदकी ओर से शहर के मकानों पर नंबर प्लेट लगाने की कवायद तेज कर दी गई है। जल्द ही सभी मकानों पर एक नंबर प्लेट होगी। परिषद आयुक्त श्रवण राम चौधरी ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में आने वाले सभी मकानों पर नंबर प्लेट लगाई जाएगी। मार्च माह से शहर के मकानों पर नंबर प्लेट लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए टेंडर निकाला जाएगा। इसके बाद मकानों पर नंबर प्लेट लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। शहर के घरों पर नंबर प्लेट लगने से अनेक फायदे होंगे। बड़े शहरों की तर्ज पर शहर के मकानों पर भी नंबर प्लेट होगी।

यह है शहर की बीकानेर रोड जहां परिषद की ओर से बनेगा प्रवेश द्वार।

नगर परिषद की ओर से नए वित्तीय वर्ष से शहर में प्रवेश द्वार बनाने की कवायद है। शहर में प्रवेश करने वाले सभी नेशनल हाइवे पर प्रवेश द्वार बनाएंगे। इसके लिए परिषद की ओर से भामाशाह की सहायता लेगी। जिस भामाशाह की ओर से प्रवेश द्वार निर्माण करवाया जाएगा उस प्रवेश द्वार पर भामाशाह का नाम लिखने की योजना है। पीपीपी मोड़ पर काम किया जाएगा। प्रत्येक दरवाजे के निर्माण में अलग अलग संस्कृति का समावेश होगा। उदाहरण के तौर पर जोधपुर बाइपास पर बनने वाले प्रवेश द्वार पर जोधपुर नागौर की संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।

भास्कर संवाददाता | नागौर

पुरानेनए शहर को मिलाकर अब समस्त 45 वार्डों में प्रत्येक मकान को नंबर दिए जाएंगे। इसके लिए बाकायदा नंबर प्लेट लगाकर मकानों उसमें रहने वाले परिवार को एक पहचान दी जाएगी। परिषद की ओर से यह शुरुआत 22 साल बाद की जा रही है। इससे पहले 1994 में मकानों के नंबर दिए गए थे। इसी प्रकार जिले में दो एडीजे कोर्ट के दो भवनों के लिए 5.8 करोड़ रुपए का बजट मिला है। इनमें से एक भवन बालवा रोड पर बनाया जाएगा। तीसरी प्रमुख खबर शहर के सौन्दर्यीकरण से जुड़ी है। बाहर से आने वाले लोगों को शहर का सौन्दर्यीकरण दिखाने के लिए प्रत्येक प्रवेश मार्ग पर स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। इसके लिए परिषद ने अपने स्तर पर योजना तैयार कर इसकी डीपीआर बनाने की तैयारी कर ली है।

सौंदर्यकरणसे पहचान

नागौरशहर में प्राचीनकाल से ऐतिहािसक दरवाजे बने हुए है। जो कि पुराने शहर की पहचान कराते हैं।

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