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पालिका और तहसील के अधिकारियों में नहीं तालमेल, अंगोर भूमि पर बढ़े 30% अतिक्रमण

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

लंबेसमय से मेड़ता सिटी नगरपालिका और तहसील प्रशासन में तालमेल नहीं होने से मीरा नगरी का ढांचागत विकास नहीं हो रहा है। लोग बिना अनुमति के अपनी मनमर्जी से जहां चाहे वहां अवैध निर्माण करवा रहे हैं। हालात ये है कि शहर के लगभग हर तालाबों नाडियों की अंगोर पर 30 प्रतिशत अतिक्रमण बढ़ गए है। ये अतिक्रमण प्रशासन की नाक के नीचे हो गए हैं, मगर इसके बावजूद क्षेत्रीय प्रशासन पुराने अतिक्रमणों को हटाना तो दूर नए अतिक्रमणों पर भी लगाम नहीं लगा पा रहा है। शहर में जहां देखों वहां लोग खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर दबंगई से कब्जे कर रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पूर्णतया अधिकृत नगरपालिका सीमाज्ञान नहीं होने का बहाना कर अपना पल्ला झाड़ रही है तो तहसील प्रशासन भी राजस्व भूमि को चिह्नित नहीं कर रहा। ऐसे में दोनों विभागों में बेहतरीन तालमेल नहीं होने से शहर का ढांचागत स्वरूप बिगड़ गया है। ऐसे में इन दोनों विभागों के आपसी समन्वय के अभाव में शहर का विकास नहीं हो पा रहा है और शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि नगर पालिका अध्यक्ष ने इस संबंध में पिछले दिनों कलेक्टर से भी सीमाज्ञान की मांग की थी। उनका कहना था कि प्रशासन सीमाज्ञान करवा दें तो वह शहर में अभियान चलाकर शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेंगे।

कलेक्टर से लेकर संभागीय आयुक्त तक लगाई गुहार

^मैंनेतो कलेक्टर से लेकर संभागीय आयुक्त तक से गुहार कर रखी है कि मेड़ता की नगरपालिका में यत्र-तत्र बिखरी जमीनों का सीमाज्ञान करवा दो। कल कलेक्टर साब को भी नए सिरे से बोला है। उम्मीद है अब जल्द ही सीमाज्ञान हो जाएगा फिर अतिक्रमण हटवाएंगे। रूस्तमप्रिंस, पालिकाध्यक्ष, मेड़तासिटी

अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई करेंगे

^मैंनेतहसीलदार को निर्देशित कर दिया है। हमने एक कमेटी भी बना दी है जो शहर का भ्रमण कर जमीनों का सीमाज्ञान करेगी। अतिक्रमण हटाने के लिए भी कार्रवाई करेंगे। राकेशकुमार गुप्ता, उप जिला कलेक्टर, मेड़ता

तहसील विभाग क्यों हैं बेबस

पालिकातो चुनावी राजनीति के चलते अतिक्रमण हटाने के लिए बेबस हो सकती है मगर तहसील प्रशासन अपने अधीन आने वाली जमीन से अतिक्रमियों को क्यों बेदखल नहीं कर रहा है। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जानकारों ने बताया कि मूथा नाडी राजस्व विभाग के अधीन आती है तो शिव कॉलोनी कचहरी परिसर के पीछे स्थित प्राचीन नाडी भी राजस्व विभाग की जमीन है।

मेड़तासिटी. मूथानाडी की अंगोर पर बने मकान और सडांध मार रहा है गंदा पानी, शहर की छवि को धूमिल कर रहा है।

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