आधा किमी में तीन रेलवे फाटक, 24 घंटे में 98 बार होती है बंद, परेशानी
भास्कर संवाददाता | मेड़ता रोड
मेड़तारोड से जारोड़ा सहित करीब बीस गांवों को जाने वाली आम सड़क पर मात्र आधा किमी की दूरी पर एक मानवरहित फाटक सहित तीन रेल फाटक स्थित है। तीनों रेल फाटक एक दिन में करीब 98 बार बंद होती है। इस कारण ग्रामीणों को हर वक्त फाटक बंद रहने का अंदेशा रहता है। ओवरब्रिज के अभाव में अब आमजन परेशान होने लगे है।
मेड़ता रोड से जारोड़ा, ढावा, दताणी, डाबरियानी, रेण, भूणास, जैसास, बूटाटी, छापरी, देशवाल सहित करीब बीस गांवों को जाने के लिए आम सड़क बनी हुई है। मगर इसी फाटक पर मात्र आधा किमी से कम की दूरी पर तीन रेलवे फाटक सी 99, सी वन बाइपास का मानवरहित फाटक स्थित है। बीस गांवों का रास्ता होने सत्यम पावर प्लांट, तुआनाडा थान मंदिर आदि होने से इस सड़क पर हर समय वाहनों की रेलमपेल रहती है। मगर फाटक कब खुली रहेगी।
हर समय वाहनचालकों के मन में संशय ही रहता है। हर समय फाटक बंद रहने के कारण वाहन चालकों राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते यातायात के कारण यहां पर ओवरब्रिज बनाने के बाद ही समस्या से निजात मिल सकेगी। अन्यथा हर समय ग्रामीणों को परेशानी का ही सामना करना पड़ेगा।
जान जोखिम में डालकर करते है पटरी पार
कभीमालगाड़ी के अटक जाने पर तो बड़े वाहन चालकों को तो यहां मजबूरी में खड़ा रहना पड़ता है। मगर बाइक चालक इंजन के आगे जान जोखिम में डालकर पटरी पार करते हुए देखे जा सकते है। आखिर वे भी क्या करें। ग्रामीणों को भी तो मेड़ता रोड आकर लंबी दूरी की ट्रेन पकड़नी पड़ती है।