पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मेड़ता ब्लॉक में डी वार्मिंग अभियान सफल होना संदिग्ध

मेड़ता ब्लॉक में डी-वार्मिंग अभियान सफल होना संदिग्ध

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

पूरेभारत को कृमि मुक्त करने के लिए 10 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम मेड़ता क्षेत्र में सफल होना संदिग्ध दिखाई पड़ रहा है। कारण साफ है कि सरकार ने सभी सरकारी गैर सरकारी स्कूल संचालकों को 9 फरवरी तक डी-वार्मिंग दवा किट लेने के निर्देश दे रखे हैं। इसमें सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधान तो दवा किट शिक्षा विभाग से प्राप्त कर चुके हैं मगर मेड़ता क्षेत्र के 171 निजी स्कूलों में से मात्र 70 निजी स्कूल संचालकों ने ही यह दवा किट प्राप्त की है। यानि 101 निजी स्कूलों ने अभी तक अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को वितरित करने के लिए अभी तक यह दवाई प्राप्त नहीं की है। ऐसे में मेड़ता क्षेत्र में डी-वार्मिंग अभियान की सफलता खटाई में पड़ती दिखाई दे रही है।

क्याहै डी-वार्मिंग अभियान

दरअसलकक्षा 1 से 19 आयु वर्ग के स्कूली विद्यार्थियों की शारीरिक दुर्बलता दूर करने के लिए सरकार ने सभी बच्चों को 10 फरवरी के दिन ऐलबेंडाजोल नामक गोली खिलाने के निर्देश दिए हैं। यह दवा किट मेड़ता के बीईईओ कार्यालय में मौजूद है। क्षेत्र में 438 सरकारी गैर सरकारी स्कूल संचालित हो रहे हैं। सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधान तो बीईईओ ऑफिस से दवा ले जा चुके हैं मगर 101 निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने अपने विद्यार्थियों के लिए यह दवा किट अभी तक हासिल नहीं किया है। जबकि 9 फरवरी को दवा वितरण का अंतिम दिन है। ये दवा 10 फरवरी को पूरे भारत में सभी स्कूली विद्यार्थियों को खिलाई जाएगी।

शाम5 बजे तक करेंगे दवा किट का वितरण

डी-वार्मिंगअभियान के प्रभारी मदनसिंह चारण ने बताया कि हम 9 फरवरी की शाम 5 बजे तक निजी स्कूलों के लिए दवा किट वितरित करेंगे। शाम पांच बजे बाद निजी स्कूलों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज देंगे।

मेड़तासिटी. कृमिमुक्त दिवस के लिए ऐलबेंडाजोल टेबलेट का वितरण करते प्रभारी।

खबरें और भी हैं...