दरियाव महाराज का मोक्ष दिवस मनाया
दरियावजीखेजड़ा आश्रम में आदि आचार्य दरियाव महाराज के 256 वें मोक्ष दिवस के मौके पर शनिवार की रात विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। प्रवचन में संत पांचाराम ने श्री दरियावजी महाराज के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने परम शिष्य सुखरामदास महाराज के साथ मिलकर खेजड़ा की पावन स्थली पर साधना की थी। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की सत्संग से जीवन में सदाचार आता है। मनुष्य को कभी भी अपने धर्म एवं कर्म से दूर नहीं हटना चाहिए। इस मौके पर संत हरिदास, संत भरतदास, संत हिम्मतराम, साध्वी सिंवरीबाई, भीखाराम अजनबी, धन्नाराम, नारायणराम देशवाल, हुकमीराम घटेला, बीरमाराम, बिरदाराम कतवार, किस्तूरराम कड़वासरा, शिवराज भाटी, अंबालाल घांची, निंबाराम कमेड़िया, मदनलाल दासास, रामचंद्र गौरा, चुतराराम छाबा सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।