राइजनिंग लाइन को ठीक करने में जुटी रही टीम
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी
कात्यासनीगांव से मेड़ता सिटी रही मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के बाद गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार तड़के पांच बजे तक जलदाय विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पाइप लाइन दुरुस्त करने में जुटी रही। तड़के पांच बजे जाकर यह मुख्य राइजनिंग लाइन ठीक हो पाई। इससे सप्लाई तो शुरू हो गई मगर जलापूर्ति सिस्टम के नियमित होने में अभी भी समय लगेगा। भोर होने तक सिटी जेईएन से लेकर एक्सईएन तक मौके पर डटे रहे।
सुबह लाइन में जलापूर्ति करने के बाद ही इन लोगों को चैन आया। गौरतलब है कि निजी कंपनी के ठेकेदार के कर्मचारियों ने यहां जैतारण चौकी के निकट सोनाला भैरू मंदिर के पास गुरुवार दोपहर बाद जैसे ही गड्ढा खोदा गया तो नीचे से गुजर रही जलदाय विभाग की राइजनिंग लाइन इसकी चपेट में गई। यह पाइप लाइन कात्यासनी से मेड़ता शहर को जलापूर्ति करती है। इस मुख्य पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त हो जाने से मौके पर हजारों गैलन पेयजल व्यर्थ बह गया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी एकत्रित हो गए और जलदाय विभाग की सिटी जेईएन हेमलता भोजवानी को सूचना दी। इसके बाद वे सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची। एक्सईएन अर्जुनराम लूणा भी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और पाइप लाइन को दुरुस्त कराने का काम शुरू किया।
आकेली-एमें गहराया संकट
मेड़ताशहर को गांव कात्यासनी स्थित सरकारी नलकूपों के अलावा आकेली-ए गांव से भी जलापूर्ति हो रही है। आकेली में आए दिन कोई कोई नलकूप जवाब दे रहा है। आए दिन सरकारी नलकूप के ड्राई होने से शहर में जलापूर्ति कम हो पा रही है। आकेली इसके आस पास का एरिया भी बड़ा है। पहले आस पास के क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाती है और उसके बाद मेड़ता शहर को आकेली से पानी पहुंचाया जा रहा है। वहां वर्तमान में 9 नलकूप है जिसमें से 7 ही काम कर रहे हैं। इस कारण भी शहर में आने वाले कुछ दिनों तक जलसंकट रहेगा।