रामगंजमंडी/मोड़क गांव. दरागांव में नेशनल हाइवे-12 के किनारे लगे ढाबे को बुधवार को प्रशासन वन विभाग की संयुक्त टीम ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान अतिक्रमियों ने विरोध जताते हुए पथराव कर दिया। इसमें तीन अधिकारियों सहित पांच जनों के चोटें आई। हैं एक अतिक्रमी को सात दिन में अतिक्रमण हटाने के लिए पाबंद किया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुकंदरा अभयारण्य में स्थित दरा गांव में नेशनल हाइवे-किनारे छह ढाबे और कुछ दुकानें लगी हुई थी। वन विभाग और राजस्व विभाग की जमीन पर लगे इन ढाबों को हटाने के लिए पूर्व में भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब जबकि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम तय हो गया है, तो जगह-जगह अतिक्रमण भी हटाए जा रहे हैं। दरा गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार तड़के करीब चार बजे ही अधिकारियों का लवाजमा और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। यहां पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहले अधिकारियों ने समझाइश की, लेकिन बात नहीं बनी।
अधिकारियों ने बताया कि भीमा गुर्जर का ढाबा हटाने की कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध जताया। इसी दौरान उधर से गुजर रहा दरा गांव निवासी रामफूल गुर्जर वन विभाग की जीप से टकराकर घायल हो गया। वहां मौजूद लोगों ने अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव कर दिए। कुछ देर बाद पुलिस ने लोगों को खदेड़कर मामला शांत किया। इसके बाद दस्ते ने जेसीबी की मदद से एक-एक कर पांच ढाबे ध्वस्त कर दिए। इनके आसपास संचालित छोटी गुमटियों को भी हट