मोड़क के शतायुपार रामप्रताप नहीं रहे
मोड़क गांव. कस्बानिवासी शतायुपार रामप्रताप दुगेरिया का मंगलवार रात निधन हो गया। बुधवार सुबह गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्रतिष्ठित व्यापारी और समाजसेवी रामप्रताप (105) ने मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे अंतिम सांस ली। वे कुछ समय से बीमार थे। उनके निधन की सूचना से जैन समाज के लोगों में तथा गांव में भी शोक छा गया। रामप्रताप के पुत्र जंबू कुमार ने बताया कि उनके पिता 100 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी पूर्ण स्वस्थ थे। वे प्रतिदिन पैदल ही मंदिर जाते थे। 95 वर्ष की उम्र में भी कई तीर्थों पर दर्शन के लिए जाते थे। रामप्रताप मोड़क में स्कूल समिति के अध्यक्ष के साथ-साथ समाज के कई पदों पर भी रहे। समाज के मंचों पर कई बार रामप्रताप का अभिनंदन किया गया। रामप्रताप के पांच पुत्र एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार है।