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सरकारी इमदाद नहीं मिलने से खीमच गोशाला में चारे का संकट

5 वर्ष पहले
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खीमचस्थित गोशाला में विभागों की आेर से गोवंश तो भेज दिया गया, लेकिन सरकारी मदद नहीं मिलने से यह परेशानियों से जूझ रही है। यहां पर मौजूद गोवंश की जरूरत के अनुसार चारे की व्यवस्था नहीं होने से समस्या बढ़ गई।

खीमच में वर्षों से श्री सतगुरु राणा रामपुरी गौसेवा समिति की ओर से गोशाला का संचालन किया जा रहा है। सन् 2005 में गोशाला का पंजीयन कराया गया था। गोशाला को संभालने वाले महंत विश्वनाथ पुरी यहां पर गायों की देखभाल तो करते ही हैं, साथ ही नेशनल हाइवे-12 पर वाहनों की टक्कर से घायल होने वाले गोवंश को भी यहां लाकर उसकी सेवा करते हैं। इस समय गोशाला में अभी 181 गोवंश हैं। महंत पुरी ने बताया कि गो तस्करों से मुक्त कराने वाले गोवंश और पुलिस द्वारा पकड़े गए गोवंश को भी गोशाला भेजा जा रहा है। बीते मई में भी 35 बछड़ों को पुलिस ने गोशाला पहुंचा दिया था। उन्होंने बताया कि यहां पर गोवंश भेजने के बाद उनके लिए चारे पानी की व्यवस्था विभाग की ओर से नहीं की जाती। ऐसे में लोगों के सहयोग से संचालित की जा रही गोशाला में परेशानी रही है। सरकारी अनुदान के लिए भी अधिकारियों को लिखा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में गोवंश अधिक होने सहयोग नहीं मिलने से गोशाला का चारा का भंडार खाली हो रहा है।

इससे गायों के समक्ष चारे का संकट खड़ा हो गया। महंत ने अधिकारियों को पत्र भेजकर गोशाला को अनुदान देने की मांग की है।

मोड़क गांव. खीमच में स्थित गौशाला।

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