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अलर्ट जारी होने पर पूछताछ, 4 साल से नहीं लगे सीसीटीवी

7 वर्ष पहले
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प्रदेशके एक मात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू पर प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में पर्यटक पहुंचते हैं। सुरक्षा के लिहाज से माउंट आबू संवेदनशील क्षेत्र है, फिर भी प्रशासन इसकी सुरक्षा के प्रति लापरवाह बना हुआ है। मंगलवार को अलर्ट मिलने के बाद पुलिस ने यहां जांच और गश्त व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया। हर जगह की छानबीन की गई। खासतौर पर स्कूलों में विशेष जांच की गई।

हालांकि पुलिस प्रशासन के अनुसार यह एक मोक ड्रिल ही था अब कारण कुछ भी हों, लेकिन इसके बहाने सुरक्षा के उपाय और खामियां सामने आई है, लेकिन इन सबके बीच गौर करने वाली बात यह है कि माउंट आबू में सुरक्षा के नाम पर प्रशासन की ओर से बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। अति महत्वपूर्ण इस शहर में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। जबकि यह कैमरे लगाने के प्रस्ताव पिछले चार पांच साल से लिए जा रहे हैं। एक साल से तो इन्हें लगाने के आदेश फाइलों में दबे हुए हैं। यदि शहर के मुख्य पर्यटन स्थलों पर कैमरे लगाए जाएं तो सुरक्षा को और भी अधिक पुख्ता किया जा सकता है।

सीसीटीवीको लेकर 4 साल से चल रही है सिर्फ चर्चा

माउंटआबू में पिछले चाल साल से सीसीटीवी लगाने का मुद्दा चल रहा है। दो वर्षों से यह विषय गंभीर होता गया और गत वर्ष अक्टूबर माह में तत्कालीन एसडीएम जितेंद्र कुमार सोनी ने नगरपालिका को सीसीटीवी कैमरे खरीदने के ऑर्डर किए। ऑर्डर के मुताबिक नगरपालिका को मार्च 2014 तक माउंट आबू के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने थे, लेकिन आज तक कोई नतीजा नहीं निकला।

शरारतियों पर नजर

कईबार शरारती तत्व युवतियों से छेड़छाड़, पर्स छिनना, ट्यूबलाइट्स, बोड्र्स और दूसरी सरकारी संपत्ति तोडफ़ोड़ देते हैं। सीसीटीवी कैमरों से ऐसे सार्वजनिक स्थल निगरानी में रहेंगे। ईव टीजिंग और बाइक स्टंट करने वाले कैमरे में कैद हो जाएंगे।

अपराधियों को पकड़ने में

नक्कीझील समेत मुख्य बाजार में जब-तब आपराधिक घटनाएं हो जाती हैं और आरोपी निकल भागते हैं। चौराहों पर सीसीटीवी के जरिए वारदातों के साथ ऐसा करने वालों पर नजर रहेगी।

ट्रैफिकडिसिप्लिन

शहरके प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक प्रेशर रहता है। फेस्टिवल सीजन में तो सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चलते हैं। ऐसे में कई बार वाहन चालक नियम तोड़कर निकल जाते हैं। इनमें कैमरे की नजर से खौफ रहेगा और वाहन चाल