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जानिए, ऐसे हैं हमारे जिले में शिक्षा के हालत
बच्चों से पूछा जिले और देश का नाम, बताया राजस्थान
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए चल रहे हैं चार कार्यक्रम
सरकारीस्कूलों में लगातार दूसरे दिन भी जारी संबलन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के शैक्षिक स्तर की पोल खोल गई। निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने जब एक स्कूल में बच्चे से पूछा कि आपके जिले का क्या नाम है तो उसका जवाब था राजस्थान। शिक्षा सम्बलन कार्यक्रम के तहत दूसरे दिन बुधवार को निदेशालय के सहायक निदेशक दिनेश स्वामी सहित शिक्षा अधिकारी स्कूलों में निरीक्षण को पहुंचे।
सहायक निदेशक स्वामी ने सैकंडरी स्कूल भेव, संबलन के जिलाप्रभारी गिरिराज गुप्ता ने सैकंडरी चोटिला, एसआईआरई उदयपुर के रामस्वरूप पारिक ने मीडिल गर्ल्स भेव, डीईओ सैकंडरी कांतिलाल डामोर ने सैकंडरी डाक, डीईओ एलीमेंट्री सैयदअली ने मीडिल स्कूल रानाडी, एसएसए एडीपीसी कांतिलाल खत्री ने सैकंडरी गर्ल्स माउंट आबू, एडीईओ चंद्रकांता ने सैकंडरी रामपुरा स्कूल का निरीक्षण किया। रामपुरा स्कूल में 8वीं के स्टूडेंट्स जिले देश का नाम नहीं बता पाए। अधिकांश बच्चे 7और 9 का पहाड़ा और अंग्रेजी में अपना नाम तक नहीं लिख पाए। अधिकारियों ने शिक्षकों को शिक्षा का स्टैंडर्ड सुधारने के निर्देश दिए। शिक्षा संबलन कार्यक्रम के तहत दो दिनों में 61 अधिकारियों ने जिले की 122 स्कूलों में जाकर शैक्षिक स्तर का आंकलन किया। हालांकि, पिछले संबलन कार्यक्रम से कुछ सुधार हुआ है, लेकिन अभी बहुत कुछ बाकी है।
दृश्य 1
शहरका एक नीजि स्कूल। एलकेजी के बच्चों का मंगलवार को जीके का टेस्ट था। मैडम ने अंग्रेजी में पूछा, व्हेयर आर यू लीव - बच्चे ने जवाब दिया, मैम आई लीव इन संपूर्णानंद कॉलोनी, सिरोही।
दृश्य2
रामपुराका सरकारी माध्यमिक स्कूल। बुधवार को निरीक्षण करने गए एडीईओ ने आठवीं के बच्चे से पूछा, आपके जिले का नाम क्या है - बच्चे ने जवाब दिया, राजस्थान। फिर पूछा, आपके देश का नाम, जवाब था राजस्थान।
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