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जीवन में आगे बढ़ाती हैं चुनौतियां: हृदयमोहिनी
प्रजापिताब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी ने कहा कि मन में व्याप्त अज्ञान अंधकार को समाप्त करने का प्रतीक शिवरात्रि पर्व की महता को सार्थक सिद्ध करने के लिए आंतरिक शक्तियों को जागृत करने की जरूरत है। इसके लिए निरंतर राजयोग का अभ्यास करना चाहिए। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सनसेट मार्ग स्थित आध्यात्मिक संग्रहालय में साप्ताहिक शिवरात्रि महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं।
उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाले चुनौतियों से समझौता करने की बजाए उनसे पाठ सीखकर आगे बढ़ने की ललक बनाए रखनी चाहिए। परिस्थितियों को पार करने से मानसिक स्थिति मजबूत होती है। संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि मन की कमजोरियों को समाप्त करने के लिए ईश्वरीय ज्ञान का मनन चिन्तन करने की नितांत आवश्यकता है। श्रेष्ठ चिंतन से मन की प्रफुल्लता बनी रहती है। ज्ञान सरोवर निदेशिका डॉ. निर्मला ने कहा कि ईश्वरीय नियम, मर्यादाओं को आचरण में लाने के लिए परिस्थितियों से समझौता की बजाए उनसे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका मुन्नी बहन ने कहा कि जीवन के हर दिन को त्योहार की तरह मानकर चलने से हर कार्य सरल हो जाता है। संगठन के जर्मनी सेवाकेंद्रों की संचालिका सुदेश बहन ने कहा कि सत्य ज्ञान के चिन्तन राजयोग से हर परिस्थिति में बेहतर जीवन बनाए रखने में मदद मिलती है। निर्मल चित्त से की गई सेवा सबको सुख देती है। संग्रहालय केंद्र प्रभारी प्रतिभा बहन ने कहा कि निमित्त निर्माण भाव से सेवा करने से संघर्षमय जीवन को सुगम हो जाता है। समारोह में खेल प्रभाग राष्ट्रीय संयोजिका शशि बहन, वर्षा बहन, जापान से आई रजनी बहन, वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका शीलू बहन, ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा सहित विभिन्न वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
माउंट आबू. महाशिवरात्रि को लेकर ब्रह्माकुमारी संस्थान में साप्ताहिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।