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हर महीने लाखों रुपए खर्च फिर भी कस्बे मंे गंदगी

6 वर्ष पहले
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मुकुंदगढ़। 20 वार्डों वाली नगर पालिका सफाई के नाम पर हर महीने लाखों रुपए खर्च करती है। बावजूद इसके वार्डों के हालात खराब हैं। लोग पालिका की सफाई व्यवस्था से नाराज भी हैं। वार्डों के मुख्य रास्तों में गंदगी कचरा पसरा पड़ा रहता है। नालियों के अभाव में गंदा पानी मुख्य रास्तों में जमा होने से कीचड़ का रूप ले लेता है। स्कूली छात्र-छात्राओं स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी होती ही है, वातावरण भी दूषित रहता है।
वार्ड 18 के वाशिंदें सालों से गंदे पानी का दंश झेल रहे हैं। अधिकारियों को शिकायत, धरने-प्रदर्शन के बावजूद आज तक समधान नहीं हुआ। इधर मंडी इलाके के वार्ड आठ के लोगों ने भी पालिका की बिना इजाजत के चल रही मीट की दुकानों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
वार्ड के रमन कुमार, पूनम, सरवर अली, सत्यनारायण, रामेश्वरलाल सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में उल्लेख किया है कि यहां चल रही अवैध दुकानों से बकरों मुर्गियों के पंख, अपशिष्ट खुले में डाल दिए जाते हैं। जिससे गंदगी का आलम वातावरण में सड़ांध फैली रहती है। स्थानीय लोगों ने बीमारी फैलने की भी आशंका जताते हुए कलेक्टर, एसडीएम को भी ज्ञापन भेजा है।

यह है व्यवस्था

इधर पालिका के पास 20 वार्डों में साफ-सफाई के लिए कुल 41 कर्मचारी लगे हैं। इनमें 21 सरकारी 20 ठेके के हैं। इधर तीन साल से दो जमादार सफाई निरीक्षक का पद खाली है। एक कार्यवाहक जमादार वायरमैन को एसआई का अतिरिक्त कार्यभार सौंप रखा है। संसाधनों की बात करें तो पालिका के पास दो ट्रैक्टर ट्रॉली एक ऑटो उपलब्ध है।
खाली पदों के बारे में बता रखा है

ईओ पीरामल जांगिड़ ने बताया कि पालिका ने विभिन्न इलाकों में साफ-सफाई के बाद अब तक 22 कट्टे कीटनाशक का छिड़काव 50 लीटर फिनाइल नालियों में डलवाई जा चुकी है। खाली पदों को लेकर डीएलबी को अवगत कराया जा चुका है।
पालिका की ओर से विभिन्न इलाकों से इकट्ठा की गई कचरे की ट्रैक्टर ट्रॉलियां बिना तिरपाल लगाए खुले में लेकर जाती है। जिससे मुख्य मार्गों में सड़क पर इधर-उधर कचरा बिखर जाता है। पालिका के पास कवर्ड ट्रैक्टर ट्रॉली थी, ढक्कन खराब हो जाने पर हटा दिया गया।