शताब्दी महोत्सव में कलश यात्रा आज
मुकुंदगढ़ | सेठभगवानदास सागरमल घुवालेवाला शिवालय में चल रहे शताब्दी महोत्सव के तहत शनिवार को पंडित ज्ञानप्रकाश सुरोलिया के सानिध्य में रुद्रचंडी दुर्गासप्तशती पाठ हुए। आचार्य नटवरलाल जोशी ने प्रवचन में कहा कि त्रिदेव के साथ मां भगवती ब्रह्मांड की सूत्र धारिणी है और ब्रह्मा, विष्णु महेश देवी के अधीन है। बिना ज्ञान के मनुष्य की मुक्ति संभव नहीं है। अनुमान के पांच मुखों का वर्णन करते हुए बताया कि कपिश, गरूड़, बराह, नरसिंह हृयग्रीव पांच रूप है। शिवकुमार घुवालेवाला ने भजन पेश किए। मुख्य यजमान ने बताया कि दोपहर एक बजे शिवालय से मूर्तियों की शोभायात्रा बावलिया बाबा मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी। सोमवार को मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होगी।