सड़क पर गंदगी की तो कोर्ट में चालान
शहर की सड़कों पर यदि अब गंदगी फैलाई या मलबा डाला तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश होगा। इतना ही नहीं कचरा हटाने के लिए उसे कैरिंग (उठाने) चार्ज भी देना पड़ेगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत राज्य सरकार ने यह पहल करते हुए स्थानीय निकायों को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव मनजीतसिंह ने सभी कलेक्टर और निकायों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति सड़क पर मकान निर्माण सामग्री (मलबा) डालता है तो इसे सार्वजनिक मार्ग पर अस्थाई बाधा उत्पन्न करने की श्रेणी में माना जाए। ऐसा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 245(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। इसे हटाने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति से शुल्क भी वसूला जाए। इस संबंध में निकाय अपने नियम भी बना सकते हैं। सड़क पर गंदगी फैलाने मलबा डालने वाले व्यक्ति पर राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 245(2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित व्यक्ति को एक माह की सजा या पांच हजार रुपए जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है।
यह भी है आदेश में
खाद्यपदार्थ विक्रेता, दुकान, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों को अनिवार्य रूप से कचरा पात्र रखने के लिए पाबंद किया जाए। दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबों का समय-समय पर निरीक्षण करें। जो कचरा फैलाते हैं उनसे कैरिंग चार्ज वसूल किया जाए। शहर में गंदगी फैला रही निजी डेयरी इकाइयों को शहर से बाहर करें। आबादी क्षेत्र में निजी डेयरी सुअर पालन को स्वीकृति नहीं दें। शहर में किसी भी प्रकार से पशुवध की स्वीकृति नहीं दी जाए। इस मामले को लेकर शहर में कठोरता बरतें ताकि पशुवध नहीं हो सके। अतिक्रमण सफाई की पालना नहीं करने वाले डेयरी बूथ का सर्वे करवाकर उनका लाइसेंस निरस्त किया जाए। बूथ के बाहर अनिवार्य रूप से कचरा पात्र रखवाया जाए। डेयरी बूथ पर डेयरी प्रोडक्ट के अलावा किसी भी प्रकार के सामान की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाए।
कचरा उठाने के लिए लोगों को अब देना हाेगा कैरिंग चार्ज
आदेश