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प्रभारी सचिव का घेराव िकया कलेक्टर का फूंका पुतला

6 वर्ष पहले
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जिलामुख्यालय के परकोटे में बाहर की कॉलोनियों में व्याप्त पेयजल समस्या थमने का नाम ही नहीं ले रही है। अधिकारी भी इसके प्रति गंभीर नजर नहीं रहे हैं। बुधवार को गुस्साए लोगों ने कलेक्टर का पुतला फूंका और कलेक्ट्रेट में प्रभारी सचिव पी. के. गोयल का घेराव कर अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई।

गौरतलब है कि पेयजल समस्या के कारण कॉलोनियों के लोगों ने 4 दिन पहले पीएचईडी, कलेक्टर नगरपरिषद के अधिकारियों को अवगत कराया। समस्या हल नहीं होने पर जिला प्रशासन के खिलाफ प्रतिदिन नारेबाजी प्रदर्शन किया जा रहा है। बुधवार को भी शहर के कई मोहल्लों में पानी सप्लाई नहीं होने पर युवकों का गुस्सा फूट पड़ा और पुराने नगरपालिका भवन के सामने कलेक्टर का पुतला फूंका। इससे पूर्व युवकों ने कलेक्टर के खिलाफ प्रदर्शन कर मुर्दाबाद के नारे लगाए।

शहर निवासी ऋषि शर्मा, रोहित, चीना सेठीआदि ने बताया कि शहर के चौबे पाड़ा, चिकना फर्श, बारी पाड़ा, सीता बाड़ी, फूटाकोट आसपास के कई मोहल्लों में चार दिन से नलों में पानी नहीं रहा है। इस क्षेत्र में तो कोई हैंडपंप है और ना ही कुआं। इस कारण लोगों को दूसरे मोहल्लों में निजी बोरिंगों से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।

जिलाप्रभारी सचिव को दिया ज्ञापन : जिलाप्रभारी सचिव को ज्ञापन देकर बताया कि मोहल्ले में एक वर्ष से नलों में गंदा पानी रहा है और वह भी मात्र 10-15 मिनट के लिए। पांच दिन से तो वह भी नहीं रहा है। इस बारे में जलदाय विभाग, नगरपरिषद के अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन नतीजा सिफर। इस दौरान महिलाओं ने कलेक्ट्रेट में चूड़ियां लहराते हुए कहा कि अगर अधिकारी कुछ नहीं कर सकते तो चूड़ियां पहनकर बैठ जाएं। जैसे ही महिलाएं नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट के पोर्च में पहुंची तो सभागार में चल रही बैठक से मंडरायल तहसीलदार बाहर आए और शांत रहने को कहा, लेकिन महिलाएं नहीं मानीं और कलेक्टर प्रभारी सचिव से मिलने पर अड़ी रहीं। बाद में करौली उपखंड अधिकारी आए और समस्या बताने को कहा तो महिलाओं ने मना कर दिया। आखिर में कलेक्टर बैठक से बाहर आए और महिला-पुरुषों की सार्वजनिक रूप से समस्या सुनने के बजाय उन्हें अपने चैंबर में ले जाकर समस्या सुनी।