नगर। नगरसुधार न्यास की ओर से जयपुर-आगरा हाईवे स्थित स्कीम 13 के खातेदारों को 25 प्रतिशत विकसित भूखंड देने के लिए विकल्प पत्र भरने होंगे। इसमें 450 खातेदारों को लाभान्वित किया जाना तय है।
इन सभी को अब 30 अप्रैल 2015 तक अपना विकल्प पत्र भर कर देना होगा। यूआईटी जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करेगी। इस संबंध में नगरीय विकास विभाग ने आदेश जारी किए हैं। जिन भूस्वामियों या किसानों की सरकार या निकायों द्वारा जमीन अवाप्त की गई है, उनको तय मुआवजे के लिए विकल्प पत्र भरने का अंतिम अवसर देने का सरकार ने निर्णय लिया है।
आदेश के अनुसार जिन खातेदारों ने अवाप्त जमीन के बदले नगद मुआवजा या राशि नहीं उठाई है, उनको ही विकल्प भरने का मौका मिलेगा। जिन अवाप्ति प्रभावितों ने जमीन के बदले राशि ले ली है, उनको विकल्प पत्र नहीं भरना होगा। उल्लेखनीय है कि स्कीम 13 का मामला काफी सालों से चल रहा है। इसमें 450 खातेदारों को 25 फीसदी विकसित भूखंड दिए जाने हैं।
25 फीसदी मुआवजे वाले हैं किसान
आदेशमें बताया है कि जिन किसानों की जमीन का 27 अक्टूबर 2005 के बाद अवार्ड जारी किया गया। उनको जमीन के बदले 25 फीसदी विकसित जमीन दी जानी है। ऐसे प्रकरणों में भी विकसित जमीन के लिए विकल्प पत्र देने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल रहेगी। स्कीम 13 में अधिग्रहीत भूमि का अवार्ड एक सितंबर 2011 को जारी हुआ था।
कब्जा देने के बाद ही मिलेगी विकसित जमीन
आदेशमें यह भी स्पष्ट किया है कि नए विकल्प पत्र भरने के बाद भू प्रभावितों को जमीन तभी दी जाएगी, जब यह सुनिश्चित कर लिया जाएगा कि अवाप्ताधीन भूमि का विधिवत रूप से प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, निगम, न्यास द्वारा कब्जा लिया जा चुका है। यदि न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन हो तो संबंधित काश्तकारों को पहले कोर्ट से केस वापस लेना होगा।