आरक्षण एवं भ्रष्टाचार बनने लगे हैं देश के लिए कलंक
आरक्षणएवं भ्रष्टाचार देश के लिए कलंक साबित होने लगे हैं। जहां एक ओर आरक्षण देश के नागरिकों में में जातिगत जहर घोलने का काम कर रहा है, वहीं भ्रष्टाचार से देश रसातल की ओर जा रहा है। समता आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार को एक होटल में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि अब तो हद ही होने लगी है, जिन सांसदों पर संविधान बनाने की जिम्मेदारी है वो ही न्यायपालिका की आवाज दबाने का प्रयास करने में जुटे हैं। पत्रकार वार्ता करते समिति के जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा कि आरक्षण से संबंधित एक प्रकरण में गुजरात हाई कोर्ट के न्यायाधीश जेडी पारदीवाला ने आरक्षण विरोधी निर्णय पर 58 सांसदों ने राज्य सभा अध्यक्ष को प्रस्तुत किया गया महाभियोग प्रस्ताव सांसदों का न्यायपालिका को आतंकित करने का प्रयास है। इससे देश के नागरिकों में जातिगत जहर फैलाने की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे लेकर समता आंदोलन समिति ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित अन्य पदाधिकारियों को ज्ञापन देकर महाभियोग प्रस्ताव को वापस लेने का आग्रह किया जा चुका है, लेकिन उनकी मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
इसलिए समिति संविधान की रक्षा करने, न्याय पालिका की गरिमा बनाए रखने एवं कांग्रेस का जातिवादी चेहरा उजागर करने के लिए राजस्थान के 33 जिलों, 270 तहसील मुख्यालयों पर 16 फरवरी को दोपहर 1.15 बजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का पुतला जलाने का निर्णय लिया गया है। इस मौके पर हेमराज गोयल, विद्या सागर शर्मा, एसके बंसल, हरभान सिंह, दिलीप, गंभीर सिंह, जीवन लाल शर्मा, ओपी, मनोज, अभिषेक शर्मा, रनवीर सिंह, अशोक काका, लक्ष्मण चौधरी आदि मौजूद रहे।
भरतपुर। समता आंदोलन समिति के पदाधिकारी।