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फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाला नर्सिंग छात्र पकड़ा

7 वर्ष पहले
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भरतपुर. फर्जीविकलांग सर्टिफिकेट बनाने के मामले में पुलिस ने नर्सिंग स्टूडेंट को आरबीएम अस्पताल में पकड़ पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटना का मामला मथुरागेट थाने में दर्ज कराया गया है।

किरी बाड़ी जिला धौलपुर निवासी विजय सिंह ने बताया कि 27 अगस्त 2013 को थानेदार हॉस्टल कृष्णा नगर निवासी मनुराज पुत्र नरेंद्र सिंह राजपूत ने 2500 रुपए में उसके पुत्र विष्णु कुमार का विकलांगता सर्टिफिकेट बनवाकर देना तय किया था। इस कार्य के लिए उसे 1500 रुपए भी दिए थे। मनुराज ने अस्पताल बंद होने के कारण उन्हें चौराहे पर रुकने और डॉक्टर के घर से सर्टिफिकेट बनवाकर लाने की बात कही। बाद में बेटे का फोटो लेकर गया और करीब एक-दो घंटे बाद सर्टिफिकेट लाकर दे दिया।

सोमवार को विजय सिंह अपने पुत्र विष्णु का मूल विकलांग सर्टिफिकेट लेकर मेडिकल बोर्ड के डॉ. मोहकम सिंह के पास हस्ताक्षर कराने पहुंचा। यहां डॉ. मोहकम सिंह ने सर्टिफिकेट पर अपने फर्जी हस्ताक्षर पहचान लिए। उसके बाद विजय सिंह ने मनुराज से फिर फोन पर संपर्क किया तथा दो और विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने की बात कही। मनुराज ने पहले ही ढाई हजार रुपए में से एक हजार कम देने और अब रेट ढाई से बढकर 3 हजार रुपए होने की बात कही। मनुराज ने दो सर्टिफिकेट के 6 हजार रुपए एक हजार पुराने मांगे, इस पर विजय सिंह ने सहमति दे दी। विजय सिंह को इसके लिए शुक्रवार को आरबीएम अस्पताल में बुलाया, यहां मथुरागेट थाना पुलिस को पूर्व में सूचना देकर बुलाया लिया गया। जैसे ही मनुराज ने विकलांगता सर्टिफिकेट के रुपए मांगे पुलिस ने उसे दबोच लिया गया और आरबीएम चौकी ले आई। यहां लोगों की भीड़ लग गई। बाद में पुलिस उसे बाइक पर बैठाकर मथुरागेट थाना ले गई और हिरासत में ले लिया। मथुरागेट थाना पुलिस के अनुसार विजय सिंह खटीक पुत्र फत्तेह निवासी बाड़ी धौलपुर ने मनुराज के खिलाफ फर्जकारी धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पता चला है कि आरोपी मनुराज आरबीएम अस्पताल में नर्सिंग की ट्रेनिंग कर रहा है।

भरतपुर. पुलिस हिरासत में आरोपी छात्र।