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आम आदमी की आवाज, बाबुओं की लगी क्लास

6 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज नेटवर्क |अहमदाबाद

डोंटअंडरएस्टिमेटपावर ऑफ कॉमनमैन, आपको चेन्नई एक्सप्रेस के शाहरुख का यह डॉयलाग तो याद ही होगा। और इस कॉमनमैन को नजरअदांज कर दें तो क्या हो सकता है, यह अहमदाबाद नगर निगम के अफसर बखूबी बता सकते हैं। क्योंकि ऐसे ही आम आदमी की आवाज ने अहमदाबाद नगर निगम के लेटलतीफ अफसरों की हालत खराब कर दी। महापौर ने सिर्फ उसकी शिकायत सुनी बल्कि अफसरों को लताड़ भी लगाई।

हुआ यूं कि अहमदाबाद के कालुपुर क्षेत्र में रहने वाले व्यवसायी अतुल भावसार नगर निगम के कार्यालय पहुंचे थे। वे वहां के इस्टेट डिपार्टमेंट में राइट टू इनफॉर्मेशन का आवेदन देने गए थे। लेकिन वहां कोई नहीं मिला। कर्मचारी ने उन्हें कहा कि अफसर बाहर गए हैं 2.30 बजे तक लौटेंगे। वे इंतजार करते रहे। 2.40 हो गए लेकिन कोई नहीं आया। एक अन्य कर्मचारी ने उन्हें 5 मिनिट और इंतजार को कहा। 2.45 हो गए कोई नहीं आया।

इसके बाद भावसार ने मेयर को फोन कर शिकायत कर दी। मेयर मीनाक्षी पटेल ने भावसार को वहीं रुकने को कहा। वे 10 मिनिट में ऑफिस पहुंच गईं। अपने कैबिन में जाने की बजाय वे इस्टेट डिपार्टमेंट में भावसार से मिली और पूरी बात सुनी। हाजिरी रजिस्टर उठाकर पुकारा तो दो ही अफसर मिले। जब दोपहर 3 बजे रोल कॉल हुई तो पांच-छह बाबू दौड़ते हुए वहां पहुंच गए। महापौर ने सबको लताड़ लगाई

मेयर को स्पष्टीकरण देते हुए अफसरों ने कहा कि वे दूसरे विभागों में बजट संबंधी काम कर रहे थे इसलिए भावसार से मिलने नहीं पाए। मेयर उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि ऐसे कैसे विकास होगा जब तक कि हम ही अपने काम में तेजी नहीं लाएंगे। उन्होने चेतावनी भी दी कि रोजाना लंच के बाद अपनी सीट पर 2.30 बजे तक अवश्य लौट आएं वरना सख्त कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें। भावसार ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी शिकायत पर इतनी जल्द और ऐसी कार्रवाई होगी। ये तभी संभव हो सकता है जबकि आपका मेयर या कोई अधिकारी इतना सक्रिय हो। इस पर मेयर का कहना था कि मुझे जब भी कोई ऐसी शिकायत मिलती है तो मैं अफसरों को समस्या हल करने के लिए निर्देशित करती हूं। साथ ही उन्हें चेतावनी भी देती हूं कि यदि समस्या ठीक नहीं हुई तो अनुशासनात्मक कार्रवाई भी झेलने के लिए तैयार रहें।

ये हैं अहमदाबाद के अतुल भावसार जिन्होंने बाबुओं की शिकायत की।