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एक ही मरीज को एएसवी के 380 इंजेक्शन लगाए
सरकारीअस्पतालों में निशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाले एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन के निजी मेडिकल स्टोर पर बिक्री का मामला सामने आने के बाद और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मथुरादास माथुर अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड बी में गत 18 अगस्त से 26 अगस्त तक भर्ती रहे बाड़मेर जिले के बालोतरा निवासी बिरदाराम को करीब 380 एएसवी लगाए गए। उसके अलावा अन्य कई मरीजों को भी भर्ती रहने तक 50 से 200 इंजेक्शन लगाए गए। ऐसे में आशंका है कि मुफ्त के एएसवी काम भी कर रहे हैं या नहीं, अथवा कागजों में मरीज को लगाने के नाम पर बाहर भेजे जा रहे हैं। यह आशंका इसलिए भी है क्योंकि निशुल्क दवा योजना शुरू होने से पहले मरीजों को दस से अधिक वाइल नहीं के बराबर ही लगाए जाते थे। एमडीएमएच में 1 जनवरी 2013 से अब तक 16 हजार 908 एएसवी की खरीद की गई है। ये इंजेक्शन सर्पदंश के करीब 300 मरीजों को लगाए गए हैं। यानी एक मरीज के लिए औसतन 56 एएसवी काम आए।
सरकारी सप्लाई के एएसवी बाजार में बेचने वाले पकड़े
मथुरादासमाथुर अस्पताल से सरकारी सप्लाई के एंटी स्नेक वेनम निजी मेडिकल स्टोर पर बेचने के मामले में सोमवार को अस्पताल प्रशासन ने शास्त्रीनगर थाना पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया। अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस ने अस्पताल के फिमील मेडिकल वार्ड में संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मी राजेश राव बीपीएल काउंटर पर तैनात फार्मासिस्ट संजय सिंह के साथ प्रेम मेडिकल एंड जनरल स्टोर के सेल्समैन कुलदीप कच्छवाहा को गिरफ्तार कर लिया।
एमडीएमएच का मामला