पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 3 फीट पानी में िकया 12 किमी का खौफनाक सफर

3 फीट पानी में िकया 12 किमी का खौफनाक सफर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भरतपुर. पानीके बिना जीवन नहीं है, लेकिन वहां तो पानी मौत बनकर बह रहा था। तीन फीट पानी के बीच 12 किमी का पैदल सफर तय कर एयरपोर्ट पहुंचे। रास्ते में लाशें और जिंदगीभर की कमाई से बनाए लोगों के आशियाने तिनके की तरह बह रहे थे। मौत बनकर बहते पानी से जिंदगी बचाकर गए, यही बहुत है। वैष्णों देवी की कृपा से सकुशल घर तक पहुंचे हैं।

श्रीनगर की बाढ में फंसे एनआईटी के छात्र रविवार को आपबीती बताते हुए रो पड़े। वे आज ही होली डे स्पेशल से लौटे। परिजनों से मिले तो चिंता और गुम काफूर हो गया और चेहरे पर संतोष के भाव उभरे। उल्लेखनीय है कि श्रीनगर के एनआईटी में जिले के 14 छात्र अध्ययनरत हैं। रविवार को इनमें से शिवदानसिंह, विशाल, अखिल, धानू, संताराम, अंकित आदि लौट कर आए। छात्रों ने बताया कि उन्होंने सात दिन तक कॉलेज में ही रहकर चारों ओर पानी के बीच मौत से लड़ाई लड़ी। सात सितंबर को ही बाढ ने कॉलेज को घेर लिया तो कॉलेज में ही फंसकर रह गए। सात दिन तक पानी का जलस्तर नीचे उतरने का इंतजार करते रहे। इसके बाद खुद ही वापस जाने का निश्चय किया। चांदपोल निवासी विशाल अग्रवाल ने बताया कि सात दिन बाद कॉलेज के सीनियर स्टूडेंट्स ने सहायता की और दो दल बनाकर एक दल को गाड़ी एक दल को पैदल रवाना किया। यह सफर तय करने में सात घंटे लगे। दल में शिवदानसिंह नगर, अखिल, धानू, संताराम, अंकित आदि शामिल थे।

चावल खाकर गुजारे सात दिन

सकुशलघर लौटे छात्रों ने बताया कि कॉलेज में खाने पीने का सारा सामान खत्म हो चुका था। केवल चावल बचे थे। थोड़े थोड़े चावल खाकर गुजारा किया। इन चावलों से पेट भी नहीं भर पाता था, लेकिन सभी छात्रों ने एक दूसरे का ध्यान रखते हुए टाइम पास किया।

भरतपुर. श्रीनगर से लौटे एनआईटी के छात्र अपने परिजनों के साथ।