झूलते तारों से मंडरा रहा है खतरा
भरतपुर. शहरहो या गांव, हर जगह सड़कों पर बिजली के तार मौत बनकर झूल रहे हैं। यही कारण है कि जिले में बिजली तंत्र अस्त व्यस्त बना हुआ है। बिजली निगम के अधिकारियों की मानिटरिंग के अभाव में इस कार्य से जुड़े निगम के ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। कहीं सड़क के बीचों बीच बिजली का खंभा खड़ा कर दिया गया है तो कहीं खंभों पर बंधी बिजली की लाइनें जमीन को छूती लटक रही हैं। नियम कानून को ताक पर रख कर ठेकेदारों की ओर से कराए जा रहे कार्य आमजन की जान के लिए जोखिम बने हुए हैं।
जिले के कस्बा, ग्रामीण क्षेत्रों शहर सहित सरकूलर रोड के बाहर स्थित दर्जन भर कालोनियों में विद्युत अव्यवस्था के नजारे देखे जा सकते हैं। इंदिरा नगर, तिलक नगर, बापू नगर, अशोक विहार, राधा नगर, आनंद नगर, सुभाष नगर, जयंती नगर, शिव नगर आदि के हालात ये हैं कि यहां अधिकांश स्थानों पर बिजली के खंभे सड़कों पर अनियमित तरीके से लगे हुए हैं। अधिकांश बिजली लाइनें जमीन को छूती लटकी हुई हैं। जमीन और बिजली के तारों के बीच मात्र सात से नौ फीट का ही फासला है, जबकि बिजली निगम के नियमानुसार यह 18 से 21 फीट होना चाहिए। कहीं बिजली की लाइनें मकान-दुकानों के ऊपर से गुजर रही हैं। कई स्थानों पर बिजली के तार हरे पेड़ों में उलझे हुए हैं। बिजली तंत्र की अव्यवस्था के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। कभी सड़क के बीच खड़े खंभे से वाहन टकरा जाने से खंभा टूट जाते हैं, तो कभी आते-जाते वाहनों में बिजली की लाइनें उलझ जाने से लोगों की बिजली गुल हो जाती है। इससे उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के लिए निगम कार्यालयों के चक्कर तो लगाने ही पड़ते हैं साथ ही अन्य कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिजली तंत्र की अव्यवस्था से परेशान लोगों का कहना है कि विद्युत निगम के अधिकारियों की अनदेखी के कारण ठेकेदारों की मनमानी का खामियाजा आमजन भुगतने को मजबूर है। बार-बार शिकायतों के बावजूद भी निगम द्वारा अव्यवस्थाओं के सुधार की दिशा में कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
^अव्यवस्थितविद्युत खंभे, झूलते करंट के तार आदि को अभियान चलाकर दुरुस्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। ब्लाक वाइज मेंटीनेंस कार्य चल रहा है, जल्द ही बिजली तंत्र में सुधार होगा।
-जसराम मीणा, एसई,
विद्युत निगम,भरतपुर
भरतपुर. श्याम नगर में मकान के ऊपर से हरे पेडों से गुजरती बिजली की लाइन।