पक्का बाग को विकास की बाट
विकासकी आस में 15 साल गुजर गए हैं। हर चुनाव से पहले सब विकास का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन उसके बाद वादा भूल जाते हैं। ये दर्द है उन लोगों का जो भरतपुर अछनेरा मार्ग पर बसे पक्का बाग में रहते हैं।
यह इलाका नगर निगम के वार्ड नंबर 40 में आता है। डेढ़ दशक बाद भी सुविधाओं से वंचित है। 1994 में यहां के निवासियों ने नगर परिषद में शामिल होने के बाद पहला मतदान किया था, तब यहां के लोगों को लगा था कि अब समस्याओं से निजात मिलेगी, लेकिन आज भी हालात यों की त्यों बने हुए है। पक्का बाग गांव विरासत के समय से बसा है यहां के लोगों ने सन् 1994 में नगर परिषद में शामिल होकर परिषद के वार्ड नंबर 40 के मतदाता के रूप में मतदान किया तब लोगों को लगा था कि अब शहरी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन सुविधाएं तो मिली लेकिन ना के समान। इससे यहां के निवासियों की आज भी नगर निगम से शिकायत बरकरार है। वार्ड नंबर 40 में आने वाले इस गांव के लोगों ने कई बार नगर निगम प्रशासन को यहां की समस्याओं के बारे में समय-समय पर अवगत कराया है, लेकिन आज तक इन समस्याओं का कोई हल नहीं निकाला जा सका।
कहते तो सब हैं, करता कोई नहीं
वार्डनंबर 40 में रहने वाले वाले रामेश्वर सैनी, महेद्रप्रताप सैनी उर्फ मुनीम आदि ने बताया कि समय-समय पर नगर निगम प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को वार्ड की समस्याओं के बारे में बताया गया, लेकिन सभी ने आश्वासन के अलावा आज तक कोई स्थाई समाधान नहीं किया। उन्होंने बताया कि वार्ड में आज भी रोड लाइट नहीं है और जो है वह खराब पड़ी हुई है। इससे रात में असामाजिक तत्वों का डर बना रहता है। वार्ड में कई हिस्सों में नालियों का निमार्ण नहीं हुआ है। इससे गंदगी बनी रहती है और जिन हिस्सों में नालियां बनी हुई है उनकी नियमित सफाई नहीं होने से अवरूद्ध पड़ी हुई है।
रात में अंधेरा, नालियों में रहती है गंदगी
इसइलाके में आज भी आधे से ज्यादा स्थानों पर सड़कों का निर्माण ही नहीं हुआ है। रात के समय रोडलाइटों के अभाव में अंधेरा रहता है। इससे वाहन चालकों राहगीरों के चोटिल होने की संभावना बनी रहती है। नालियों की सफाई नहीं होने से बारिश के समय पानी रास्तों में भर जाता है। इससे रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं।
क्या है परेशानियां
>रोडलाइट की व्यवस्था नहीं होने से रात में डर बना रहता है।
>नियमित सफाई नहीं होने से वार्ड में गंदगी बनी