थानों में पुलिस, दफ्तरों में कर्मचारी
भास्कर न्यूज नेटवर्क. श्रीनगर
जम्मू कश्मीर की बाढ़ में राज्य का अधिकतर सरकारी रिकॉर्ड भी बह गया है। पुलिस, कोर्ट, सचिवालय समेत कई विभागों के रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा है। लेकिन इस नुकसान का आकलन करने के लिए थानों में पुलिस है, दफ्तरों में कर्मचारी। नुकसान का आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाढ़ के वक्त सचिवालय की दो मंजिलें पानी में डूबी हुई थीं। सात जिलों की अदालतों के आधिकारिक रिकॉर्ड को भी नुकसान पहुंचा है। श्रीनगर शहर का शायद कोई पुलिस थाना ऐसा होगा जहां रिकॉर्ड सुरक्षित बचा हो। सचिवालय के कई अफसर और कर्मचारी अपने घर लौट गए हैं। राज्य में पुलिस की संख्या सवा लाख है। लेकिन कश्मीर में पुलिसकर्मी काफी कम दिखाई दे रहे हैं।
एनडीआरएफ ने बनाए बोट अस्पताल
जम्मूकश्मीर में बाढ़ का पानी कम होने के बाद कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके लिए एनडीआरएफ ने बड़ी नौकाओं पर अस्थायी अस्पताल बना दिए हैं। ऐसे बोट अस्पताल उन इलाकों में जा रहे हैं जहां अब भी पानी जमा हुआ है और लोग भी रह रहे हैं। एनडीआरएफ ने बताया कि कई नौकाओं को हमने बोट अस्पताल में तब्दील कर दिया है।
2जवानों की जान गई
पिछलेदिनों पुलवामा के राहत अभियान के दौरान दो जवान लापता हो गए थे। शनिवार को उनके शव बरामद हुए। उनकी पहचान नायक खेम चंद्रा तथा राइफलमैन मीर ओवैस हुसैन मीर के रूप में हुई है। लोगों को बचाते-बचाते इन जान चली गई।