चिकित्सा संस्थानों का होगा कायाकल्प
चिकित्साविभाग की नेशनल हैल्थ मिशन योजना के तहत प्रदेश में 1800 करोड़ रुपए की लागत से नए संस्थान पुराने भवनों का रिनोवेशन करेगा। जिसमें मेटरनल चाइल्ड हैल्थ (एमसीएच) विंग, लेबर रूम, एसएनसीयू एवं सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण होगा।
इसके अलावा नए स्वास्थ्य भवन, आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा। जिन जिला अस्पतालों में लेबर रूम नहीं होने से महिलाओं को डिलेवरी के लिए दूरदराज जाना पड़ता है, वहां पर अत्याधुनिक लेबर रूम बनाए जाने की योजना है।
शहर के वैशाली नगर, सिरसी रोड एवं जामडोली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए प्रति केंद्र के हिसाब से 15 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हंै। इसी तरह से प्रदेश के 102 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए 75 लाख रुपए प्रति केंद्र की दर से कुल रुपए 7650 लाख तथा 82 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवीनीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के लिए दस लाख रुपए प्रति केंद्र के हिसाब से 8 करोड़ 20 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
^नेशनल हैल्थ मिशन (एनएचएम) योजना के तहत वर्ष 2014-15 के लिए राज्य सरकार को 1880 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हंै। जिसके अंतर्गत जिला, प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्राें के भवनों का निर्माण होगा। इसके अलावा जिला अस्पतालों में मॉडर्न लेबर रूम, एमसीएच विंग बनाया जाना प्रस्तावित है। केन्द्रों का चयन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
-राजेन्द्रराठौड़, चिकित्सामंत्री