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14 ढाणियों मजरों को मिला नए गांव का दर्जा

7 वर्ष पहले
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राज्यसरकार ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के अंतर्गत सात जिलों के 14 मजरों एवं ढाणियों को नए राजस्व गांव घोषित किया है।

इनमें भीलवाड़ा के 4, जयपुर, टोंक, जालोर सवाई माधोपुर के 2-2 और दौसा धौलपुर के 1-1 गांव हैं। भाजपा सरकार को शनिवार को सत्तासीन हुए एक साल पूरा होने वाला है और इससे ठीक दो दिन वाले ग्रामीणों को यह बड़ा तोहफा दिया है।

राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार जयपुर जिले की विराट नगर तहसील के हीरापुरा कोटपूतली तहसील क्षेत्र के राजगढ़, जालोर जिले की भीनमाल तहसील क्षेत्र के डेडारू एवं चितलवाना तहसील की सकूरगढ़, दौसा जिले की सिकराय तहसील की भराव, सवाई माधोपुर जिले की बामनवास तहसील के ताजपुरा कलां एवं मलारना डूंगर तहसील क्षेत्र के हरिरामपुरा, टोंक जिले की टोडारायसिंह तहसील क्षेत्र के न्यू बिबोलाव भगवानपुरा, भीलवाड़ा जिले की माण्डलगढ़ तहसील क्षेत्र के नया गांव तहसील क्षेत्र करेड़ा के खोखला, बाला का खेड़ा तथा हाथीभाटा, धौलपुर जिले की सैंपऊ तहसील क्षेत्र के गोपालपुरा नए गांवों में शामिल हैं।

इन सभी मजरों एवं ढाणियों को नए राजस्व गांव के रूप में अभिलेखित किया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार नवीन गांवों के गठन से प्रभावित राजस्व गांवों के अभिलेखों के अलग-अलग संधारण के लिए पृथक-पृथक जमाबंदी, खसरा नंबर, नक्शे अभिलेखों के परिशोधन कार्य के लिए संबंधित कलेक्टर को अधिकृत किया गया है।