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एचएसबीसी बैंक के खिलाफ अमेरिका और ब्रिटेन में होगी जांच
एजेंसी लंदन/म्युनिख/वाशिंगटन
कालाधनमामले में पूंजीपतियों और रसूख वालों को कर चोरी में मदद का आरोप झेल रहे एचएसबीसी बैंक की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अमेरिका और इंग्लैंड उसके खिलाफ जांच करने जा रहे हैं। बैंक ने कहा है कि उसकी स्विस शाखा ने संभवत: कुछ खाताधारकों को कर चोरी में मदद की है। अमेरिकी अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि मुद्रा विनिमय दर में छेड़छाड़ में बैंक ने कितना हस्तक्षेप किया। एचएसबीसी चीन के आईसीबीसी के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है।
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि बैंक ने लोगों को करोड़ों डॉलर की संपत्ति छिपाने में मदद की है। भारत में सोमवार को एक अंग्रेजी अखबार ने बैंक की मदद से कालाधन छिपाने वाले 1100 से ज्यादा नागरिकों के नाम प्रकाशित किए थे। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि कानून मंत्रालय बैंक के साथ 2012 से लंबित एक अभियोग समझौते पर पुनर्विचार कर सकता है। बैंक पर ड्रग के अवैध व्यापार से जुड़े लागों के करोड़ों डॉलर देश से बाहर निकालने के मामले में आरोप लगे थे। इस मामले में बैंक ने 1.9 अरब डॉलर देकर सेटलमेंट किया था।
ब्रिटिश सांसदों का भी कहना है कि वे बैंक के खिलाफ जांच शुरू करने की सोच रहे हैं। इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स ने बैंक के पूर्व आईटी कर्मचारी हर्वी फाल्सियानी के हवाले से मीडिया में यह खुलासा किया है। इसके मुताबिक एचएसबीसी में खाता रखने वालों में फुटबॉल, टेनिस और हॉलीवुड स्टार भी शामिल हैं। एचएसबीसी ने कहा है कि फाल्सियानी के पास उपलब्ध आंकड़े 2006-07 के हैं। फाल्सियानी पर स्विट्जरलैंड में गोपनीय सूचना कानून तोड़ने का मुकदमा चल रहा है।